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हौसले बुलंद हो तो फिर जिंदगी काहे का गम : केशवराम को मिली सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि

  हौसले बुलंद हो तो फिर जिंदगी काहे का गम :  केशवराम को मिली सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि

महासमुंद।  केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा दिव्यांगजनों के लिए अनेक प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। इनमें से राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई योजना में से एक सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 40 प्रतिशत् या उससे अधिक दिव्यांग व्यक्ति जो छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो और वे संघ लोक सेवा आयोग अथवा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षा प्रारम्भिक और मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर उन्हें सहायता राशि प्रदान की जाती है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर पिथौरा निवासी अस्थिबाधित दिव्यांग केशवराम निषाद अपनी दिव्यांगता को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते और वे अपने हौसलें पर बुलंद रहते हुए लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर उन्हें संसदीय सचिव एवं महासमुंद विधायक विनोद चन्द्राकर ने 20 हजार रुपए का प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया। केशवराम निषाद बताते हैं कि वे एमएससी (गणित) विषय के साथ उत्तीर्ण है और वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उनके घर की आर्थिक स्थिति कमजोर हैं, लेकिन उनके मन में हमेशा आगे बढऩे की इच्छा रहती थी। इस कारण वे बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा की तैयारी भी कर रहे थे। उनकी मंशा है कि वे डिप्टी कलेक्टर बनकर समाज सेवा करें। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा सभी वर्गों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित किए है। इनमें से दिव्यांगजन लोगों के लिए संचालित की जा रही है, जो काफी सराहनीय हैं। इन मिले हुए प्रोत्साहन राशि से वे विभिन्न विषयों के बेहतर प्रतियोगी किताब खरीदकर मुख्य परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं सभी वर्गों के लिए बेहतर होती है। दिव्यांगों को जीवन में प्रोत्साहन की जरूरत है ताकि वे और आगे बढ़ सकें।