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ब्रेकिंग : विधायक बृहस्पत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी..एआईसीसी के निर्देश पर तथा प्रदेश प्रभारी पुनिया ने जारी किया नोटिस..सिंहदेव बोले,'मै अपने स्टैंड पर कायम

ब्रेकिंग : विधायक बृहस्पत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी..एआईसीसी के निर्देश पर तथा प्रदेश प्रभारी पुनिया ने जारी किया नोटिस..सिंहदेव बोले,'मै अपने स्टैंड पर कायम

रायपुर. प्रदेश कांग्रेस ने बड़ी कार्यवाई करते हुए एआईसीसी के निर्देश पर तथा प्रदेश प्रभारी पुनिया को निर्देशित करते हुए विधायक बृहस्पत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

नोटिस जारी करते हुए पुनिया ने कहा कि बृहस्पत सिंह कारण बताओ नोटिस का जवाब दें। यदि जवाब संतुष्टि पूर्ण नहीं होता है तो उन पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई निश्चित है। 

आपको बता दें कि बृहस्पति के बयान से छत्तीसगढ़ में गरमाई राजनीति को नरम करने कांग्रेस की जोर आजमाइश जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री निवास में सीएम भूपेश ने एक बार फिर कैबिनेट की बैठक बुलायी। हलाकि इस बैठक में मंत्री सिंह देव शामिल नहीं हुए। इससे साफ जाहिर है कि बृहस्पत सिंह के साथ हुए विवाद में सिंहदेव की तल्खी बरकरार है

विधानसभा में लगभग डेढ़ घंटे तक चली बातचीत के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव बाहर निकले तो मीडिया ने उन्हें घेर लिया. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने संक्षिप्त तौर पर कहा कि 'मेरी बातचीत हुई है लेकिन अभी कोई नतीजा नहीं निकल सका है. मैं अपने स्टैंड पर कायम हूं और इस गतिरोध का निदान भविष्य के गर्त में है. 

इसके बाद सिंहदेव अपनी कार में बैठकर रवाना हो गए। जानते चलें कि आज सुबह विधानसभा में एक उद्बोधन देते हुए सिंहदेव ने घोषणा की थी कि जब तक सरकार की तरफ से मेरी स्थिति स्पष्ट नहीं की जाएगी तब तक मैं इस सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लूंगा। यह कहने के बाद सिंहदेव विधानसभा परिसर से बाहर चले गए थे। उनके साथ बिलासपुर के विधायक शैलेश पांडे भी साथ थे।

सिंहदेव की इस घोषणा के साथ ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सांप सूख गया था। इसके बाद भाजपा ने काफी हंगामा खड़ा करते हुए इस पूरे मामले में जेपीसी जांच की मांग की। हालांकि अभी तक इस बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। इसके बाद सदन की कार्यवाही कल सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई। 

दूसरी ओर सरकार ने फिर से टीएस सिंह देव से बातचीत करने का रास्ता निकालना चाहा और टीएस सिंह देव को बातचीत के लिए वापस बुलाया गया। सिंहदेव डेढ़ घंटे के बाद वापस विधानसभा पहुंचे और मुख्यमंत्री तथा अन्य मंत्रियों के साथ के साथ बैठक में शामिल हुए। बंद कमरे में हुई बातचीत का कोई नतीजा सामने नहीं आ सका है लेकिन माना जा रहा है कि मामला अभी भी सुलझा नहीं है और सिंहदेव बिना किसी नतीजे के बैठक से बाहर चले गए दूसरी ओर कई मंत्रियों ने मीडिया को दिए अपने बयान में उम्मीद जताई है कि आपसी बातचीत से यह मामला हल कर लिया जाएगा

जानते चले कि  3 दिन पहले विधायक वृहस्पति सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए यह आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री बनने के इच्छुक मंत्री टीएस सिंह देव उन्हें जान से मरवा ना चाहते हैं बृहस्पति सिंह के इस बयान के बाद प्रदेश और देश में कोहराम मच गया था और कांग्रेस की कांग्रेस की अंदरूनी उठापटक बाहर आ गई थी प्रदेश का यह पहला मामला है जब विधानसभा में कोई मंत्री ने आहत होकर इतनी गंभीर टिप्पणी की हो तथा सदन का बहिष्कार किया हो कल विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी तब तक यह देखना होगा कि सरकार इस क्राइसिस से तहसील पट्टी है या फिर वह स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव को मना पाती है कि नहीं।