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विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष व सदस्य का नाम बंद लिफाफे में पहुंचा सरकार तक

विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष व सदस्य का नाम बंद लिफाफे में पहुंचा सरकार तक

रायपुर, 20 जून। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के नए अध्यक्ष का नाम बंद लिफाफे में सरकार तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सतीश अग्निहोत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इस पद के लिए आए 30 आवेदनों में से दो नामों का पैनल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंप दिया है। अध्यक्ष के साथ ही आयोग के एक सदस्य के चयन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। सदस्य के लिए 60 आवेदनों में से कमेटी ने दो नामों की अनुशंसा सरकार को भेजी है।

मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलते ही एक-दो दिन में नामों की घोषणा हो सकती है। बता दें कि विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष रहे डीएस मिश्रा के मार्च में सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद खाली है। नए अध्यक्ष के चयन के लिए सरकार ने आवदेन आमंत्रित करने के साथ ही कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की शनिवार को राज्य अतिथि गृह पहुना में बैठक हुई।

इसमें मुख्य सचिव अमिताभ जैन और ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव व बिजली कंपनियों के अध्यक्ष अंकित आनंद भी शामिल हुए। कमेटी की रिपोर्ट सरकार को भेजे जाने के बाद से ही नए अध्यक्ष व सदस्य के नाम को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया। अध्यक्ष के नाम के लिए सबसे ज्यादा चर्चा देश की एक बड़ी निजी बिजली कंपनी के अफसर का है। 

मूलत: दुर्ग के रहने वाले के संबंध में बताया जा रहा है कि वे पहले दिल्ली की सरकारी बिजली कंपनी में पदस्थ थे। वहां सरकारी कंपनी के निजीकरण के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी। दूसरा नाम राज्य के ही एक पूर्व अफसर का है। वहीं, सदस्य के लिए जिन दो नामों की सूची सरकार को भेजी गई है उनमें सरकारी बिजली कंपनी के एक अफसर के साथ एक प्रशासनिक अधिकारी का नाम शामिल बताया जा रहा है। बता दें कि आयोग में अध्यक्ष और सदस्य का कार्यकाल पांच वर्ष या 65 वर्ष की आयु जो भी पहले हो के लिए होता है।