breaking news New

अंतरिक्ष पर कॉलोनी..10 हजार लोगों की टॉरॉयडल स्पेस कॉलोनी का प्रस्ताव..किरायेदार या मालिक बनकर रह सकेंगे..एक सप्ताह के लिए एक व्यक्ति का खर्चा 75 करोड़! देखिए कॉलोनी की तस्वीर..

अंतरिक्ष पर कॉलोनी..10 हजार लोगों की टॉरॉयडल स्पेस कॉलोनी का प्रस्ताव..किरायेदार या मालिक बनकर रह सकेंगे..एक सप्ताह के लिए एक व्यक्ति का खर्चा 75 करोड़! देखिए कॉलोनी की तस्वीर..

जनधारा रिसॅर्च टीम
नासा. एक दशक पहले नासा को अंतरिक्ष में एक पाउंड के पेलोड को लॉन्च करने में लगभग 10,000 डॉलर का खर्च आया था लेकिन आज यह मूल्य टैग काफी गिर गया है. मुख्य रूप से एलोन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स निजी तौर यात्रियों को अंतरिक्ष की सैर कराने को तैयार है और उसका पहला प्रयोग काफी सफल रहा है. आश्चर्य कि अब अंतरिक्ष में 10 हजार लोगों के लिए एक टॉरॉयडल स्पेस कॉलोनी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. यहां पर कम से कम तीन दिन और ​अधिकतम एक सप्ताह रूकने का खर्च 20 करोड़ से लेकर 75 करोड़ तक होगा. मकान के रूप में एक अंतरिक्ष यान तैनात किया जायेगा जोकि 33 फीट तक लम्बा या चौड़ा होगा. इसी में कम से कम दो लोग रह सकेंगे. ऐसे कई अंतरिक्ष यान खड़े किए जाएंगे.

दुनिया के शीर्ष अरबपतियों में शुमार स्‍पेसएक्‍स के मालिक एलन मस्‍क ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ मून मिशन के लिए 2.89 अरब डॉलर का करार किया है। इसके तहत एलन मस्‍क पांच दशक बाद पहली बार नासा के अंतर‍िक्षयात्रियों को चंद्रमा की सतह पर ले जाने के लिए अंतरिक्षयान स्‍टारशिप बनाएंगे।

दूसरी ओर अंतरिक्ष पर कॉलोनी बसाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है विशेषकर मंगल गृह पर जहां जीवन की मौजूदगी के पर्याप्त सबूत ढूंढ़ लिए गए हैं. मंगल पर बसने के इच्छुक भारतीयों में से कुछ ने वहां जमीनें भी खरीदी हैं जिनमें से स्वर्गीय अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का नाम भी लिया जा रहा है. सुशांत धरती पर तो नही हैं लेकिन हो सकता है वे जब आप उपर रहने के लिए जाएं, तो वे वहां पहले से मौजूद हों.

आगे बढ़ें तो जानेंगे कि नासा के एक वैज्ञानिक ने एक टॉरॉयडल स्पेस कॉलोनी की अवधारणा विकसित करते हुए उसका ड्राइंग तैयार किया है कि किस तरह 10 हजार लोगों की कॉलोनी वहां बसाई जा सकती है. इसके बाद पर्यटक अंतरिक्ष की न केवल यात्रा कर सकेंगे बल्कि अंतरिक्ष में रुककर दोस्तों के साथ पार्टी भी कर सकते हैं. हालांकि, इसका किराया थोड़ा ज्यादा ही एक्सपेंसिव है. एक सप्ताह तक रूकने के लिए आपको 75 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं लेकिन इसके पहले नासा का प्रमाण—पत्र लेना होगा कि आप यात्रा के लिए सक्षम हैं या नही.

पहली आवश्यकता दो व्यक्तियों के लिए एक पर्याप्त भवन की है. इसके लिए वैज्ञानिकों ने OSAM-2 नामक एक अंतरिक्ष यान को तैनात करने का सोचा है. एक यान 33 फीट तक फैला होगा. नासा ने OSAM-2 नामक एक अंतरिक्ष यान को तैनात करने के लिए मेड इन स्पेस नामक एक कंपनी के साथ भागीदारी की है, जिसे पहले आर्किनॉट के नाम से जाना जाता था। इसका उद्देश्य पारंपरिक सौर पैनलों की तुलना में पांच गुना अधिक बिजली उत्पन्न करना है। यदि यह काम करता है तो कॉलोनी बसाने की कल्पना साकार हो सकती है.

फिलहाल, भविष्य की अंतरिक्ष कॉलोनियों के लिए सीधे पृथ्वी से निर्माण सामग्री सोर्स करने के बजाय, अंतरिक्ष में पहले से उपलब्ध चीज़ों का उपयोग किया जा सकता है. यह काफी सस्ता होगा अन्यथा पृथ्वी से निर्माण सामग्री ले जाने से ज्यादा महंगा होगा. कालॉनी में रहने के लिए दोनों विकल्प हो सकते हैं. आप खुद भी जमीन खरीद लें और या फिर किराये से रह सकते हैं.

इसके अलावा अंतरिक्ष में परिक्रमा करने वाले दूरबीनों के निर्माण से लेकर पावर ग्रिड, रडार बूम और ईंधन डिपो जैसी ऑन-द-स्पॉट संरचनाओं के निर्माण का सोचा गया है. इस तरह की क्षमताएं नासा के आर्टेमिस मिशनों के लिए काम आएंगी, जहां अंतरिक्ष एजेंसी का लक्ष्य चंद्रमा पर लौटना और कॉलोनी स्थापित करना है।

3D प्रिंटर को अंतरिक्ष में लाना कोई नया विचार नहीं है। उदाहरण के लिए, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में 2014 से एक है। 3 डी प्रिंटर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बेहद मूल्यवान हैं, जो उनका उपयोग विशेष उपकरण या यादृच्छिक भागों को बनाने के लिए कर सकते हैं. स्पेस कार्गो को बनाने के लिए फोम और प्लास्टिक का भी उपयोग किया जा सकता है.