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पंचायतों से काम छीनकर ठेकेदारों को सौंप रही सरकार, फण्ड के उपयोग पर महीनों रोक, विकास बाधित

पंचायतों से काम छीनकर ठेकेदारों को सौंप रही सरकार, फण्ड के उपयोग पर महीनों रोक,  विकास बाधित

गांवों में घटिया पहुंच मार्गों का निर्माण कर रहे ठेकेदार, पंचायतों से छिना काम

किसान नेता योगेश तिवारी ने मांग पूरा नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी

बेमेतरा, 27 दिसंबर। मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ताहीन पहुच मार्गों का निर्माण बदस्तूर जारी है । इस सम्बंध में किसान नेता योगेश तिवारी ने बताया कि इस योजना के तहत गांवों में सरकारी संस्थानों तक पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 20-20 लाख स्वीकृत किए जा रहे हैं । मार्गों का निर्माण लोकनिर्माण विभाग के अंतर्गत हो रहा है । जिनका निर्माण ठेकेदारों के जरिए किया जा रहा है। पूर्व में इन सड़कों को गौरव पथ के नाम से स्वीकृत किया जा रहा था, जिसका निर्माण ग्राम पंचायतों के जरिए होता था । यानी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत होती थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के साथ ठेकेदारों को उपकृत करने पंचायतों का ये अधिकार छीन लिया गया। ऐसी स्थिति में अब निर्माण के दौरान गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है । क्योंकि निर्माण के बाद ठेकेदार और उसके कर्मी गांव से चले जाते हैं। जबकि पंचायत प्रतिनिधियों को उसी गांव में रहना है, ऐसे में घटिया निर्माण की स्थिति में पंचायत जिम्मेदार होगी। यहां ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधि से सवाल कर सकते हैं ।

पंचायतों के अधिकारों में कटौती कर रही सरकार

किसान नेता के अनुसार यह सरकार पंचायतों के अधिकारों में कटौती कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है । गांवों में विकास कार्यों का अधिकार ग्राम पंचायतों के पास होना चाहिए । केंद्र सरकार से गांवों के विकास के लिए जारी आबंटन का उपयोग भी पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीणों की आवश्यकतानुसार नहीं कर पा रहे हैं । केंद्र से प्राप्त फण्ड का उपयोग पर महीनों रोक लगा दी जा रही है, ऐसी स्थिति में गांवों में बुनियादी सुविधाओं से सम्बंधित कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं, नतीजतन पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौपेंगे ज्ञापन, निराकरण की मांग

 इसलिए पंचायतों को प्राप्त फण्ड का उपयोग पंचायतो को गांवों की आवश्यकतानुसार व्यय करने एवं पहुंच मार्गों के निर्माण का जिम्मा ग्राम पंचायतों को दिया जाने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से कलेक्टर शिव अनंत तायल को ज्ञापन सौंपा जाएगा । समयसीमा में मांग का निराकरण नहीं होने पर पंचायत प्रतिनिधि को और ग्रामीणों के साथ जन आंदोलन किया जाएगा ।