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सार्थक के विशेष बच्चे पोषण ध्रुव ने गाई " होली आई होली आई रंगों की बौछार लाई

सार्थक के विशेष बच्चे पोषण ध्रुव ने गाई

होली को प्रकृति और प्रेम का प्रतीक माना जाता है क्योंकि, यह पर्व हमें प्रकृति के करीब लेकर जाता है। होली को रंग उत्सव के नाम से भी जाना जाता है ।सभी लोग सारे गिले-शिकवे भूलकर एक दूसरे को रंग गुलाल लगाते हैं। यह प्रकृति एवं प्रेम का रंगोत्सव  सर गौरी शंकर श्रीवास्तव सेवा समिति द्वारा संचालित मानसिक दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र सार्थक मे इस वर्ष कोविड-19 के चलते बड़े ही हर्षोल्लास के साथ ऑनलाइन मनाया गया।
                सार्थक के विशेष बच्चे पोषण ध्रुव ने" होली आई होली आई रंगों की बौछार लाई ------'गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी। और "रंग बरसे -------"गीत पर संजय सोनवानी, सीमा सिन्हा ने सुंदर नृत्य कर होली उत्सव मनाया। इस तरह मनोहर ,नैतिक ,माही , रोशन, लिकेश ने रंग एवं पिचकारी से रंग उड़ा कर अपनी खुशियां जाहिर की। सार्थक अध्यक्ष डॉ .सरिता दोशी एवं सचिव स्नेहा राठौड ने बच्चों ,पालको  एवं प्रशिक्षको को  होली की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ जीवन की कामना की। रंगोत्सव के इस पर्व को सफल बनाने में सार्थक प्रशिक्षक सुधा पुरी गोस्वामी, मैथिली गोड़े ,मुकेश चौधरी ,स्वीटी सोनी ,देवीका दीवान का सहयोग रहा