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लखीमपुर मामले में हत्यारों को बचा रही याेगी सरकार : केजरीवाल

लखीमपुर मामले में हत्यारों को बचा रही याेगी सरकार : केजरीवाल

नयी दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सभी देशवासियों की तरफ से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी घटना मामले में किसानों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि याेगी सरकार हत्यारों को बचा रही है।

 केजरीवाल ने सवाल किया कि अभी तक हत्यारों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? आखिर क्या मजबूरी है? हत्यारों को क्यों बचाया जा रहा है? सरेआम कोई भीड़ के सामने किसानों को रौंदते हुए निकल गया और पूरा सिस्टम उस हत्यारे के सामने घुटने टेक कर उसे बचाने में लग गया है। उस गाड़ी ने वहां मौजूद सिर्फ कुछ किसानों को ही नहीं कुचला है, बल्कि इस देश के सभी किसानों को कुचला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा लगता है कि उस गाड़ी ने पूरी सरकार और पूरे सिस्टम को ही कुचल दिया है। किसान अपनी मांगों को लेकर बॉर्डर पर बैठे हैं। अब तक 600 से अधिक किसानों की जान जा चुकी है और अब उन्हें कुचल कर मारा जा रहा है। आखिर किसानों से इतनी नफरत क्यों? मुख्यमंत्री ने पीएम से मांग करते हुए कहा कि सारा देश चाहता है कि हत्यारोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और संबंधित मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए।

 केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड मामले में किसानों को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में जो कुछ भी हुआ, आज पूरा देश उसकी चर्चा कर रहा है। हर जगह यही बात हो रही है। सब लोग कह रहे हैं कि पूरा सिस्टम उन निर्दोष किसानों के हत्यारों को बचाने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों की तरफ से सवाल रखते हुए कहा कि लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड मामले में अभी तक हत्यारों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? आखिर क्या मजबूरी है? उन्हें क्यों बचाया जा रहा है?

हत्यारों ने दिन-दहाड़े, इतनी भीड़ के सामने किसानों को अपनी गाड़ी से कुचल दिया और फिर भी अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है? उन्हें क्यों बचाया जा रहा है? सरेआम इतनी भीड़ के सामने कोई इतने लोगों को रौंदते हुए निकल जाए और पूरा सिस्टम उस हत्यारे के सामने नत मस्तक होकर और घुटने टेक कर, उसे बचाने में लग जाए, ऐसा तो हम हिंदी फिल्मों में देखा करते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर देशवासी टीवी और सोशल मीडिया पर देख रहा है कि एक गाड़ी आई और किसानों को रौंद कर चली गई। इसके बाद, जिस तरह से पूरी सरकार हत्यारों को बचाने में लगी है, इससे क्या संदेश दिया जा रहा है कि अगर आप कोई नेता हो या अमीर हो, तो आप अपनी गाड़ी से किसी को भी कुचल सकते हो। उस गाड़ी ने वहां मौजूद सिर्फ कुछ किसानों को ही नहीं कुचला है, बल्कि इस देश के सभी किसानों को कुचला है, इस देश के गरीबों को कुचला है। ऐसा लगता है कि उस गाड़ी ने पूरी सरकार और पूरे सिस्टम को ही कुचल दिया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि आज एक तरफ सरकार ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रही है और दूसरी तरफ, जब विपक्ष के नेता मृतक किसानों के परिवार वालों से मिलने जा रहे हैं, तो उन्हें जेल में डाला जा रहा है। यह कौन सी आजादी का जश्न है, ऐसे तो अंग्रेज करते थे। क्या इसीलिए हमारे पूर्वजों ने आजादी के लिए संघर्ष किया था और कुर्बानिया दी थी। आखिर वहां ऐसा क्या है, जो छुपाया जा रहा है? ऐसी क्या बात हो गई कि वहां न किसी पत्रकार को पहुंचने दिया जा रहा है, न किसानों को पहुंचने दिया जा रहा है और न किसी विपक्ष के नेता को पहुंचने दिया जा रहा है। आज पूरा भारत यह जानना चाहता है कि लखीमपुर में आखिर हुआ क्या था? किसने गाड़ी चढ़ाई और क्यों चढ़ाई? सच्चाई जानना तो देश के लोगों का अधिकार है न।

श्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाते हुए कहा कि पिछले एक साल से किसान बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर बैठे हुए हैं। अब तक 600 से ज्यादा किसानों की जान चली गई है और आज किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी जाती है, उन्हें कुचल कर मार डाला जाता है। आखिर किसानों से इतनी नफरत क्यों है? किसानों ने क्या बिगाड़ा है? आज सिस्टम के लोग कह रहे हैं कि उस गाड़ी में मंत्री का बेटा था ही नहीं। एक हफ्ते के बाद पूरा सिस्टम कहेगा कि वहां पर तो गाड़ी ही नहीं थी और उसके बाद एक सप्ताह बाद सारा सिस्टम कहने लगेगा कि वहां पर तो किसान ही नहीं थे। सच यह है कि यहां सिर्फ न्याय नहीं है। आज हर देशवासी न्याय की मांग कर रहा है। फैसला आपको लेना है। सारा देश चाहता है कि जिन लोगों पर हत्या का आरोप है, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए और संबंधित मंत्री को आप कैबिनेट से तुरंत बर्खास्त करें और पीड़ित परिवारों से मिलें। अपने प्रधानमंत्री से मिलकर उनका मन हल्का होगा।