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बड़ी खबर : वजन मशीन में हरा रंग आया तो बच्चे को मिला ईनाम

बड़ी खबर : वजन मशीन में हरा रंग आया तो बच्चे को मिला ईनाम

वजन मशीन में हरा रंग आया तो बच्चे को मिला ईनाम, मध्यम और कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को दिया सुपोषण परामर्श, शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का तौला गया वजन
राजनांदगांव। बच्चों, गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं में सुपोषण के लिए जिले के प्रत्येक विकासखंड में वजन त्यौहार मनाया जा रहा है। शून्य से पांच वर्ष तक की उम्र के बच्चों के पोषण के स्तर की जांच करने के लिए उनका वजन लिया जा रहा है तथा 11 से 19 वर्ष आयु तक की किशोरियों का हिमोग्लोबिन टेस्ट किया जा रहा है। इस दौरान डोंगरगांव विकासखंड में वजन मशीन में हरा रंग ् चमकने पर संबंधित बच्चे को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
सुपोषण अभियान और वजन त्यौहार के दौरान जिले के गांव-गांव में बच्चे का अनिवार्य रूप से वजन कराने की अपील की जा रही है। विभिन्न माध्यमों से प्रचार भी किया जा रहा है, वजन मशीन में बच्चे का वजन लेने पर सुपोषण अथवा कुपोषण के स्तर का पता चलता है। इसके आधार पर बच्चे को चिन्हांकित कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की देख-रेख में उन्हें विशेष पोषण आहार दिया जाता है। वजन मशीन में वजन लेते समय हरा रंग सुपोषित होने का प्रतीक है, जबकि पीला रंग मध्यम कुपोषण तथा लाल रंग गंभीर कुपोषण का संकेतक है। वजन त्यौहार के अंतर्गत डोंगरगांव विकासखंड के बगदई गांव में भी महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा विभिन्न प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शून्य से पांच साल तक के बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्र में बारी-बारी से वजन कराया गया। स्वास्थ्य के लिहाज से निर्धारित मानक के अनुरूप जिस बच्चे का वजन बेहतर आया, उसे पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया तथा जिनका वजन मानक से औसतन कम रहा, उन्हें सुपोषण के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करने की सलाह दी गई। कुपोषित श्रेणी के बच्चे टोमन यादव (परिवर्तित नाम), तोशिका निर्मलकर (परिवर्तित नाम) और नुपूर साहू (परिवर्तित नाम) के पालकों को पोषण संबंधित परामर्श दिया गया। वजन त्यौहार में उपस्थित अभिभावकों को यह भी बताया गया कि, बच्चे का पोषण स्तर ज्ञात करने तथा त्रुटि रहित जानकारी हासिल करने के लिए बच्चे की जन्म तिथि सहित वजन करना व ग्रोथ चार्ट में उचित तरीके से चिन्हित करना आवश्यक है। इन्ही बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जिले के समस्त 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के पोषण स्तर को जांचने अथवा सर्वे करने के लिए वजन त्यौहार आयोजित किया जा रहा है।  
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, वजन त्यौहार के अंतर्गत बच्चों का वजन लेने के बाद इसे ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में डाटा एंट्री कर पोषण स्तर की जानकारी एकत्र की जा रही है। बगदई गांव में वजन त्यौहार के दौरान 11 से 19 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों का हिमोग्लोबिन टेस्ट भी करवाया गया तथा उनकी बीएमआई निकाली गईश्। उन्होंने बताया, सुपोषण से जुड़े सभी कार्यक्रम कोविड-19 से सुरक्षा हेतु सरकार से जारी गाइडलाइन के अनुसार आयोजित किए जा रहे हैं। कोविड-19 पॉजिटिव वाले परिवार अथवा बच्चे से वर्तमान में कोई संपर्क न करते हुए उनकी नई जांच रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा की जा रही है। कोविड-19 रिपोर्ट नकात्मक आने पर ही संबंधित बच्चे का वजन लिया जाएगा। इसीलिए कोरोना पीड़ित परिवार या बच्चे का वजन 20 जुलाई के बाद लिया जाना सुनिश्चित किया गया है।
बगदई गांव में वजन त्यौहार के दौरान मुख्य रूप से क्षेत्र की जनपद सदस्य मोनिका पुरुषोत्तम साहू, ग्राम पटेल प्रतापदास साहू, भारत निर्मलकर, प्राथमिक शाला के सभी शिक्षक, डोंगरगांव सेक्टर सर्वेक्षक पूजा दीक्षित, मितानिन ट्रेनर मुन्नी शिंदे, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व मितानिन शामिल थे।