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क्राइम रिपोर्ट : राजधानी पुलिस ने सटटा, जुआं, आबकारी और आर्मस एक्ट के खिलाफ जमकर की कार्यवाही, पिछले दो साल ज्यादा दागदार रहे, गृह विभाग को भेजी गई रिपोर्ट

क्राइम रिपोर्ट : राजधानी पुलिस ने सटटा, जुआं, आबकारी और आर्मस एक्ट के खिलाफ जमकर की कार्यवाही, पिछले दो साल ज्यादा दागदार रहे, गृह विभाग को भेजी गई रिपोर्ट

जनधारा समाचार
रायपुर. राजधानी में लगातार बढ़ रहे अपराधों को लेकर रायपुर पुलिस की भूमिका आलोचनाओं के केंद्र में है. दावा किया जा रहा है कि नये पुलिस कप्तान के आने के बाद से ही अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं. इसके पक्ष में कुछ आंकड़े भी पेश किए गए जबकि क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े कुछ और ही कहानी कह रहे हैं. दो महीने के अंदर अपराध जरूर बढ़े हैं लेकिन सालभर की रिपोर्ट देखें तो राजधानी पुलिस का दामन पिछले दो सालों की बनिस्बत उजला ही नजर आता है.


गृह विभाग को भेजी गई रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू की ओर से जब राजधानी में बढ़ते अपराधों की रिपोर्ट मांगी गई तो उसमें अपराध के जो आंकड़े दिए गए, उसके मुताबिक राजधानी पुलिस का दामन उजला दिख रहा है. इस संवाददाता ने इस रिपोर्ट को देखा तो पाया कि सन 2018 में हत्या की 56 घटनाएं हुई थीं जबकि 2019 में मात्र 59 प्रकरण ही दर्ज हुए. हत्या के प्रयास वाले मामलों में भी यह वर्ष कुछ ज्यादा भाग्यशाली नजर आता है क्योंकि 2018 में 68 मामले हुए थे, वहीं 2019 में 78 और इस वर्ष 2020 में 88 प्रकरण ही दर्ज हुए यानि लगभग 15 प्रतिशत मामले बढ़े जोकि एक सामान्य ट्रेंड है. इसका एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि कई मामलों के आरोपियों को कानून के दायरे में रखने के लिए गंभीर धारा के अपराध दर्ज किए गए जैसे कि 307 भादवि. इसका प्रयोग इसलिए किया गया ताकि आरोपी कोई अनुचित लाभ उठाकर कानून के शिकंजे से न बच जायें.

चाकूबाजी के मामले घटे
चाकूबाजी के मामले भी इस वर्ष पिछले सालों के मुकाबले कम ही दर्ज हुए. 2018 में 248, 2019 में 266 और 2020 में मात्र 224 चाकूबाजी के मामले दर्ज किए गए. दरअसल हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने इस भय को बिठा दिया है कि राजधानी में अपराध तेजी से बढ़े हैं! अवैध शस्त्र रखने वालों पर भी राजधानी पुलिस ने जमकर कड़ी कार्रवाई की. इसकी गवाही आंकड़े दे रहे हैं जैसे कि आर्मस एक्ट के तहत 2018 में 428 केस दर्ज हुए, 2019 में 555 केस हुए थे जबकि इस वर्ष मात्र 366 प्रकरण फाइलों में दर्ज हुए.

सटटेबाज और आबकारी एक्ट के तहत कड़ी कार्यवाही
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अपराधिक घटनाओं के पीछे आपसी रंजिश, शैक्षिक स्तर का ना होना, नशीले पदार्थों का सेवन इत्यादि कारण जिम्मेदार होते हैं. पुलिस के मुताबिक गांजा एवं नारकोटिक्स कानून के तहत कड़ी कार्यवाही की गई है. जिसके तहत 40 मामले सामने आए जिसमें 55 लोग गिरफतार किए गए हैं. चाकूबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए भी राजधानी पुलिस मुस्तैद नजर आई. 88 प्रकरण में 88 व्यक्तियों से 90 हथियार जब्त किए गए हैं. राजधानी पुलिस ने दो महीने में ही सटटेबाजी के 96 मामले उजागर किए जिसमें 130 लोगों को धरदबोचा और उनसे 12 लाख रूपये जब्त किए गए. जुआं एक्ट में 163 प्रकरणों में 796 लोगों पर कार्यवाही की गई जिनसे 70 लाख रूपये जब्त किये गये. आबकारी एक्ट के तहत 179 प्रकरण बनाए गए जिनमें 193 व्यक्तियों से 400 लीटर शराब जब्त की गई.

पुलिस बना रही नई रणनीति : अजय यादव, एसएसपी

राजधानी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आइपीएस अजय यादव कहते हैं कि हालिया दो महीनों में अपराध बढ़े हैं जोकि पुलिस के लिए चुनौती हैं. पुलिस ने वार्डों के अनुसार बदमाशों की लिस्ट तैयार की है और उन पर निगाह रखे हुए है. कड़ी कार्यवाही का ही नतीजा है कि चाकूबाजी, सटटेबाजी, आबकारी के मामले काफी संख्या में दर्ज हुए हैं, आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है. गंभीर किस्म के अपराधियों से निबटने के लिए पुलिस नई रणनीति बना रही है.