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शिवराज ने मॉस्क का आशय बताया 'मेरा आपका सुरक्षा कवच'

शिवराज ने मॉस्क का आशय बताया 'मेरा आपका सुरक्षा कवच'

भोपाल . मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में कोरोना के एक सप्ताह में 20 हजार से अधिक नए मामले सामने आने के बीच आज फिर बार बार कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए मॉस्क, सोशल डिस्टेंसिंग और जागरुकता संबंधी इसी तरह के उपाय अपनाना होंगे और इसमें आम लोगों की भागीदारी आवश्यक है।

मुख्यमंत्रीचौहान ने यहां मिंटो हॉल परिसर में 24 घंटे के ''स्वास्थ्य आग्रह'' के दौरान भोपाल के अलावा विभिन्न जिलों के पत्रकारों, नागरिकों और अन्य लोगों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा में यह बात कही। उन्होंने कहा कि टोटल लॉकडाउन इसका हल नहीं है, क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था चरमरा जाती है और गरीबों की रोजीरोटी प्रभावित होती है। प्रत्येक लोग मॉस्क लगाएंगे, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे, बार बार हाथ धोएंगे, अनुशासित व्यवहार करेंगे और वैक्सीनेशन करवाएंगे, तो हम काेरोना संक्रमण की चेन तोड़ने में सफल रहेंगे।

उन्होंने मॉस्क का आशय समझाते हुए कहा कि 'एम' से आशय 'मेरा', 'ए' से 'आपका', 'एस' से 'सुरक्षा' और 'के' से 'कवच'। इस तरह मॉस्क मतलब, 'मेरा आपका सुरक्षा कवच।' श्री चौहान ने जोर देकर कहा कि यह उपाय करके हम लोग कोरोना को एक बार फिर से परास्त करने में सफल होंगे। श्री चौहान ने कहा कि सरकार अस्पतालों में व्यवस्थाएं करने से पीछे नहीं हटेगी, लेकिन उसकी भी सीमाएं हैं। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए आमजन को जागरुक होना जरुरी है।
श्री चौहान ने संकेतों में स्वीकार किया कि अप्रैल माह कोरोना की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण प्रतीत होता है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेश किए गए प्रस्तुतिकरण में भी कोरोना के बढ़ते मामलों की भयावह तस्वीर उभरकर सामने आयी। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और कुछ अन्य शहरों में पॉजीटिविटी रेट (संक्रमण दर) काफी अधिक है। भोपाल में औसत संक्रमण दर 20 प्रतिशत के आसपास और राज्य में सबसे अधिक है। कमोवेश यही हालात इंदौर और अन्य जिलों के नजर आ रहे हैं।

राज्य में आज रिकार्ड 3800 के आसपास नए केस आए हैं। सक्रिय मामले 25 हजार के आसपास पहुंच गए हैं और आज एक ही दिन में मृत्यु के 18 प्रकरण दर्ज किए गए। पिछले एक सप्ताह में नए मामले 20 हजार के पार हो गए हैं।
दूसरी ओर जिलेवार समीक्षा के दौरान श्री चौहान के समक्ष अनेक जिलों की ओर से यह सुझाव भी दिया गया कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ायी जाना चाहिए। वर्तमान में भोपाल और इंदौर समेत लगभग एक दर्जन जिलों में प्रत्येक रविवार को लॉकडाउन लगाया जाता है। इन जिलों में प्रतिदिन रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार जिलों से प्राप्त सुझावों के आधार पर विचार कर अपना निर्णय करेगी।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वास्थ्य आग्रह को नौटंकी बताते हुए कहा कि इससे कोरोना कैसे भागेगा, वे यह नहीं समझ पा रहे हैं। उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा कि लोगों को इलाज कैसे मिलेगा। बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं कैसे सुधरेंगी। संक्रमण कम कैसे होगा, यह तो श्री चौहान ही बता सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए श्री चौहान 24 घंटे के स्वास्थ्य आग्रह पर बैठे हैं।

वहीं पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने यहां पत्रकारों से चर्चा में आरोप लगाया कि राज्य सरकार कोरोना की स्थिति से ठीक ढंग से निपट नहीं पा रही है। राज्य में वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाएं ठीक नहीं हैं और निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से बड़ी धनराशि वसूल रहे हैं।
इस संबंध में मीडिया से चर्चा के दौरान श्री चौहान ने कहा कि वे इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते हैं।