छत्तीसगढ़ में भी बाघों को कोरोना संक्रमण का खतरा, लक्षण दिखते ही टेस्ट करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ में भी बाघों को कोरोना संक्रमण का खतरा, लक्षण दिखते ही टेस्ट करने के निर्देश

रायपुर। अमेरिका में बाघ में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अब छत्तीसगढ़ समेत पूरे भारत में बाघों में कोविड-19 के संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है. इस खतरे को देखते हुए सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक आदेश जारी किया है. इसमें जू में रखे बाघों को कोरोना संक्रमण का खतरा होना बताया गया है. ऐसे में बाघों या जू में रखे गए अन्य जानवरों में संक्रमण का लक्षण दिखते ही मेडिकल टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं.

जू में कोरोना संक्रमण से सुरक्षा उपायों को पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही जू स्टाफ को भी संक्रमण से बचाने के निर्देश दिए गए हैं. बता दें कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 19 बाघ हैं. सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निर्देश के बाद प्रदेश के सभी जू को अलर्ट मोड पर रखा गया है. बाघ समेत किसी भी जानवर में लक्षण दिखने पर तुरंत आला कमान को जानकारी देने और उसके बाद उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजने के लिए कहा गया है.

35 करोड़ रुपये खर्च किए
वन्य जीवों के संरक्षण के नाम पर छत्तीसगढ़ वन विभाग ने 35 करोड़ की राशि खर्च कर दी, मगर प्रदेश के बाघों की संरक्षित नहीं कर पाए. यही वजह है कि बाघों की संख्या 46 से घट कर 19 तक आ गई. वर्ष 2015-16 में 4 करोड़ 75 लाख रुपये खर्च किया गया. इसके अलावा 2016-17 में 10 करोड़ 63 लाख, 2017-18 में 11 करोड़ 97 लाख, 2018-19 में अब तक 7 करोड़ 36 लाख रुपये व्यय हो चुके हैं.