breaking news New

ब्रेकिंग : सीजी टीका पोर्टल फेल तो आईटी एजेंसी चिप्स' के सीईओ को पड़ी फटकार..! स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर कहा, 'दो दिनों से आपको बताया लेकिन सर्वर ठीक नही हुआ..अब आनलाइन की जगह मैनुअल टीकाकरण

ब्रेकिंग : सीजी टीका पोर्टल फेल तो आईटी एजेंसी चिप्स' के सीईओ को पड़ी फटकार..! स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर कहा, 'दो दिनों से आपको बताया लेकिन सर्वर ठीक नही हुआ..अब आनलाइन की जगह मैनुअल टीकाकरण

जनधारा समाचार
रायपुर. स्वास्थ्य विभाग ने सी जी टीका पोर्टल के फेल होने का जिम्मा राज्य की आईटी एजेंसी चिप्स' के जिम्मे मढ़ दिया है. चिप्स के सीईओ को आज जारी एक आदेश में कहा गया है कि पोर्टल के संबंध में सर्वर, बैंडविथ और अन्य समस्याओं का हल कर लिया जाता तो यह समस्या खड़ी ना होती. अब विभाग सी जी टीका पोर्टल से टीकाकरण तभी पूरा करेगा जब चिप्स यह सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर लेगा.


स्वास्थ्य विभाग के उपसचिव सुरेंद्र सिंह बाघे द्वारा जारी आदेश में चिप्स को निर्देशित किया गया है कि चिप्स में टीम रखी जाए जो चौबीसों घण्टे पोर्टल पर काम करेगी. जो जिले की समस्याओं को सुनकर उनका निदान कर सके. चिप्स के सीईओ पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा गया है कि दो दिनों से आपको बार बार बताया गया है कि सर्वर की समस्या आ रही है तथा आप इस प्रोजेक्ट को चिप्स से एसडीसी के सर्वर पर रैपलीकेट करके रखें ताकि सर्वर की समस्या ना आए. लेकिन चिप्स द्वारा इस संबंध में कोई कार्यवाही नही की गई.

जानते चलें कि टीकाकरण अभियान को सफल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सी जी टीका पोर्टल का निर्माण किया है जिसमें टीकाकरण के इच्छुक लोग पंजीयन करा सकते हैं, उसके बाद ही टीकाकरण किया जाता है लेकिन चंद दिनों में ही इस कदर भीड़ उमड़ी कि सी जी टीका पोर्टल आनलाइन फलॉप हो गया. इसके बाद सरकार और विभाग की किरकिरी हो रही है और विपक्ष ने भी उसे निशाने पर ले रखा है.

केंद्र का एप्प किनारे लगाया, राज्य का चल ना पाया!

पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने एक टिवट करते हुए का कि सीजी टीमा एप्प बार बार क्रैश हो रहा है। किसी तरह जो लोग रजिस्टर कर सेंटर पहुँच रहे हैं तो उनको सेंटर में टोकन खत्म हो गया, यह बोलकर लौटा दिया जा रहा है। वाहवाही लूटने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र की गाइडलाइन और कोविन एप्प को किनारे कर पूरी व्यवस्थाओं का भट्ठा बैठा दिया है।

भाजपा नेता अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि लो फिर एक नया फरमान! आन लाइन की जगह अब मैनुअल टिकाकरण किया जाएगा. मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के बीच संवाद न होने का नतीजा जनता भुगत रही है. पोर्टल फेल हो गया है और चिप्स के अधिकारी जवाब नही दे रहे. छत्तीसगढ़ का टीकाकरण पूरे देश में रायता कैसे फैलाते हैं, उस मॉडल के रूप में उभरा है.

चिप्स को किनारे करके रखा गया!

दूसरी ओर आईटी एजेंसी चिप्स' से जूड़े सूत्रों से जब इस संवाददाता ने बात की तो उन्होंने नाम ना छापने की शर्त पर बताया गया कि सी जी टीका पोर्टल बनाने के पहले ना तो हमसे राय ली गई और ना ही कोई तकनीकी मदद..चिप्स के पास बजट तक नही है कि वह छोटे मोटे काम भी निबटा सके. हाल यह हैं कि चिप्स का अपना टिवटर एकाउंट अक्टूबर 2018 से नही चल पा रहा है.