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राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेने किसानों को नहीं कराना पड़ेगा पंजीयन : कांग्रेस

राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेने किसानों को नहीं कराना पड़ेगा पंजीयन :  कांग्रेस

धमतरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने 2020-21 में धान बेचने के लिए किसानों को पंजीयन कराने के झंझट से मुक्त कर दिया है। कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं समेत प्रदेशभर के किसानों ने  सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शरद लोहाना, पूर्व अध्यक्ष मोहन लालवानी  महापौर विजय देवांगन , जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीशू चंद्राकर ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शपथ ग्रहण करने के बाद से लगातार किसान हित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लेकर किसानों को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने एवं कई सरकारी नियमों को किसान हित में शिथिल कर उन्हें ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित करने का काम कर रहे हैं । अब राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेने के लिए धान बेचने वाले किसानों को 2020-21 के लिए पंजीयन कराने के झंझट से मुक्त कर किसानों को पंजीयन कराने से आजादी देने का काम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया है। धान बेचने पंजीयन कराने में किसानों का जो समय लगता था, उस समय का सदुपयोग अब किसान खेती किसानी में करेंगे और बेफिक्र होकर अच्छी  पैदावार के लिये ताकत लगाएंगे।
उन्होंने कहा कि पूर्व की रमन सरकार एवं केन्द्र की मोदी सरकार के किसान विरोधी कृत्यों के चलते प्रदेश और देशभर के किसान हताश और परेशान हैं।खेती किसानी के समय किसान दिल्ली की सीमा में बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों को संपन्न बनाने काम कर किसानों की उन्नति में आ रही बाधा तकलीफों को दूर कर रही है। छत्तीसगढ़ के खुशहाल होते किसानों को देखकर छत्तीसगढ़ में किसानों के नाम से राजनीति करने वाली भाजपा और उसके नेताओं के पेट में दर्द शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं को वास्तव में किसानों की चिंता है, तो उन्हें मोदी सरकार के तीन काले कृषि कानून का विरोध करना चाहिए और किसान सम्मान निधि के नाम से प्रत्येक किश्त में  किसानों के पंजीयन की अनिवार्यता को समाप्त करवाना चाहिए। 6000 रु को तीन किस्त में देने वाली मोदी सरकार से किसानों को एकमुश्त 6000 रु दिलाना चाहिए। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अरुण ‌चौधरी ने कहा कि भाजपा नेता मोदी सरकार से ये काम नहीं करा सकते, तो छत्तीसगढ़ में किसानों के नाम से घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें।