breaking news New

हत्या करने से पहले हिस्ट्रीशीटर को शातिर महिला अपराधी ने पिलाई थी शराब

हत्या करने से पहले हिस्ट्रीशीटर को शातिर महिला अपराधी ने पिलाई थी शराब

मुख्य आरोपी और साथी गिरफ्तार,शातिर महिला और उसका प्रेमी फरार

कानपुर । हिस्ट्रीशीटर आशु यादव की हत्या का सनसनीखेज खुलासा पुलिस ने सोमवार को कर दिया है। हत्या करने में एक शातिर महिला अपराधी उसका प्रेमी और दो अन्य परिचित शामिल थे। पुलिस ने मुख्य आरोपितों और उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं शातिर महिला अपराधी और उसका प्रेमी फरार है।

बीती 31 जनवरी की देर रात डी 19 खपरा मोहाल निवासी आशु यादव अपनी कार से घर से निकल गया था उसके बाद से वह लापता था। उसकी बहन ने रेलबाजार थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 2 जनवरी की सुबह आशु यादव सीटीआई चौराहा के पास उसी की कार की पिछली सीट पर मिला। रेलबाजार पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या की धारा में तरमीम कर तफ्तीश शुरू की। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि एक महिला की आखिरी कॉल 31 की देर रात आशु के पास आई थी। उसके बाद उसके मोबाइल से कोई कॉल नहीं की गई। पुलिस ने मृतक के तीनों फोन नम्बर की सीडीआर रिपोर्ट निकलवाई।

रिपोर्ट से ही होता चला गया घटना का खुलासा

एसपी पूर्वी ने बताया कि सीडीआर में जिस महिला के नम्बर की पुष्टि हुई वह सीतापुर में रहने वाली शालिनी के नाम की आईडी पर चल रहा था। उसका इस्तेमाल मसवानपुर निवासी महिला दीपिका शुक्ला कर रही थी। दीपिका के बारे में जानकारी जुटाने में पुलिस को ज्यादा समय नहीं लगा क्योंकि वह खुद शातिर अपराधी है। दीपिका के फोन की सीडीआर निकलवाने पर पुलिस को दूसरे आरोपित हिस्ट्रीशीटर अमित गुप्ता के बारे में जानकारी मिली। अमित गुप्ता की सीडीआर रिपोर्ट के जरिए पुलिस उसके दो अन्य साथी जूही लाल कालोनी निवासी किशन वर्मा और सचिन वर्मा तक पहुंची। इन दोनों के बारे में जानकारी मिलने के साथ ही पुलिस ने 3 जनवरी को उनके घरों पर दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने घटना कबूल की और बताया कि कैसे घटना को अंजाम दिया गया है। इसके अलावा दीपिका और अमित गुप्ता फरार है। एसपी के मुताबिक दोनों की तलाश की जा रही है।

कैसे दिया हिस्ट्रीशीटर की हत्या को अंजाम 

हिस्ट्रीशीटर आशु यादव को मारने वाली दीपिका शिवली से और अमित गुप्ता बादशाहीनाका से हिस्ट्रीशीटर है। पकड़े गए दोनों आरोपितों ने बताया कि दीपिका ने 31 की रात आशु को फोन करके मसवानपुर बुलाया था। इधर अमित गुप्ता ने अपने मिलने वाले आरोपित किशन को इस काम को अंजाम देने के लिए पहले से योजना बना ली थी। आशु मसवानपुर पहुंचा और दीपिका के घर पर उससे मिला। वहां पर दीपिका ने उसे अत्याधिक शराब पिलाई और दोनों आपत्तिजनक स्थिति में पहुंच गए। इसी दौरान अमित गुप्ता वहां पहुंचा और उसने अन्य दोनों साथियों के साथ मिलकर मफलर से आशु यादव का गला कसकर उसे मौत के घाट उतार दिया। उसके बाद यह लोग उसी की गाड़ी में शव को सीटीआई चौराहा के पास ले गए गाड़ी वहां खड़ी कर दी गई। वहीं पर दीपिका ने आशु के हाथों की अंगूठी,चेन और जेब में रखे पर्स लूट लिया। इस घटना के बाद किशन और सचिन को मौके से भगा दिया गया।

जेल में हुई थी आशु और अमित की मुलाकात  

अमित गुप्ता के साथ रहने के बावजूद दीपिका के संबंध मृतक आशु यादव से हो गए थे। आशु और अमित की मुलाकात भी जेल में हुई थी। आशु को पुलिस ने एनडीपीएस की धारा में सन 2019 में जेल भेजा था। वही पर दोनों की दोस्ती हुई। आशु के बाहर आने के बाद जब उसने अमित से मुलाकात की तो उसी ने उसे दीपिका से मिलवाया था। दोनों के बीच अनैतिक संबंध हो गए। जिसकी जानकारी जब अमित को हुई तो उसने दीपिका को धमकी दी कि अगर उसने आशु को रास्ते से हटाने में उसका साथ नहीं दिया तो वह जेल में बंद उसके पति को इन सब गतिविधियों के बारे में जानकारी दे देगा। इस पर दीपिका उसका साथ देने की बात मान गई।

एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि,दो आरोपित फरार है उनकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। हत्या सोची समझी साजिश के तहत की गई है। इसमें जल्द ही धाराओं को बढ़ाकर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।