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मुख्यमंत्री की ऋण माफी की घोषणा ने महिलाओं का बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री की ऋण माफी की घोषणा ने महिलाओं का बढ़ाया हौसला

धमतरी । तीज महोत्सव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा महिला समूहों का 12.77 करोड़ का कर्ज माफ किए जाने की घोषणा का स्वागत करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि किसानों मजदूरों के बाद मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए न्याय की पहल की है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शरद लोहाना,छग दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष विपिन साहू? पूर्व  जिलाध्यक्ष मोहन लालवानी,महापौर विजय, देवांगन, सभापति अनुराग मसीह,जिला पंचायत अध्यक्ष कांति सोनवानी, उपाध्यक्ष नीशू चंद्राकर के हवाले से जारी बयान में जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अरुण चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने अपने निवास में आयोजित तीजा-पोरा त्यौहार के कार्यक्रम के अवसर पर समूह की महिला-बहनों को दी बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने महिला कोष की ऋण योजना के अंतर्गत सभी महिला समूहों के कालातीत ऋणों को माफ़ करने की घोषणा की है ताकि वे पुन: ऋण लेकर नवीन आर्थिक गतिविधियाँ आरम्भ कर सकें। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही महिला कोष से महिला समूहों को प्रति वर्ष दिए जाने वाले ऋण के बजट में भी 5 गुना वृद्धि की घोषणा करते हुए महिला कोष के बजट की राशि दो करोड़ रूपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रूपए करने की घोषणा की है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों और मजदूरों के बाद अब महिलाओं के लिए न्याय की पहल करते हुए घोषणा पत्र का अपना एक और वादा पूरा कर दिया है।

उन्होंने ने कहा कि भूपेश बघेल की यह घोषणा राज्य में न्याय की एक कड़ी को और आगे बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है। इससे स्व सहायता समूहों से जुड़ी लाखों बहनों के सर से 12 करोड़ 77 लाख रूपए के कर्ज का बोझ उतर जाएगा। उन्होंने ने कहा कि तीजा-पोरा पर्व पर राज्य के महिला बहनों के लिए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की सरकार की ओर से यह बहुत बड़ी सौगात है।

उन्होंने ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में नई सरकार के आने के बाद महिला समूहों की आर्थिक गतिविधियों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे लाखों महिलाओं की आय वृद्धि से आर्थिक स्वावलम्बन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अधिक से अधिक महिलाओं में आत्म निर्भरता की ललक बढ़ी है। विगत वर्षों में महिला समूहों द्वारा लिए गए ऋणों को कतिपय कारणों से न पटा पाने के करण लगभग एक लाख महिलाएँ नया लोन पाने से अपात्र हो गयी थी। मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व के कालातीत ऋणों को माफ़ किए जाने की घोषणा से  उन्हें भी ऋण प्राप्त हो सकेगा तथा वे नए सिरे से आर्थिक गतिविधियां संचालित कर सकती हैं।  उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गो के साथ न्याय करने में जुटी है। किसानों की कर्ज माफी एवं सिंचाई कर की माफी से राज्य में न्याय की शुरूआत हुई। यह कड़ी आगे बढ़ते हुए राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण कृषि भूमिहीन मजदूर न्याय योजना के बाद महिलाओं को न्याय देने के उद्देश्य से ऋण माफी के रूप में सामने आई है।

महिला समूहों पर बकाया कालातीत ऋण की माफी से समूहों से जुड़ी लगभग एक लाख महिलाएं नये सिरे से अपनी आर्थिक गतिविधियां संचालित करने के योग्य हो जाएंगी और उन्हें इसके लिए सहजता से ऋण की उपलब्ध हो सकेगा। महिला समूहों को अब दो लाख रूपए की ऋण की पात्रता होने से वह स्व-रोजगार एवं स्वावलंबन की गतिविधियों और अधिक विस्तार देने में सक्षम होंगी। इससे उनके आय में वृद्धि होगी और वह आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। छत्तीसगढ़ सरकार की न्याय योजना का लाभ किसानों, पशुपालकों, भूमिहीनों, महिलाओं के साथ-साथ राज्य के वनवासियों एवं वनोपज संग्राहकों को मिला है। इनको न्याय देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रूपए से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा किया है। लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ 52 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था की है। इसका सीधा लाभ वनांचल के लोगों और वनोपज संग्राहक परिवारों को मिला है और उनकी आय में वृद्धि हुई है। कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं को तीज पर्व की बधाई दी है।