breaking news New

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी अभी से शुरू कर दें केंद्र और राज्य सरकार- कोमल हुपेंडी

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी अभी से शुरू कर दें केंद्र और राज्य सरकार- कोमल हुपेंडी

जगदलपुर .आम आदमी पार्टी के बस्तर जिला अध्यक्ष तरुणा साबे बेदरकर ने आज प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आम आदमी पार्टी  प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी  जी ने महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से पत्र के द्वारा आग्रह किया है कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी अभी से सरकार को शुरू कर देनी चाहिए !
 ततसंबंध में हुपेंडी जी ने सरकार से आगे कहा कि गत वर्ष कोरोना की पहली लहर के बाद से ही देश और दुनिया के महामारी विशेषज्ञ कोरोना की दूसरी लहर के खतरे की आशंका से केंद्र सरकार को आगाह करते आ रहे थे पर जब भारत में महामारी की दूसरी लहर अपने भयावह रूप में सिर पर आ खड़ी हुई तब उसने केंद्र और राज्य सरकार के तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है।
     आज जब हम कोरोना की दूसरी लहर का तांडव देख रहे हैं तब देश दुनिया के महामारी विशेषज्ञ तीसरी और चौथी लहर की संभावना को ख़ारिज नहीँ कर रहे हैं।इसका सबसे दुःखद पहलू यह है कि हर नई लहर पहले के मुकाबले ज्यादा ताकतवर होगी।इसके लिए हमें अभी से महामारी के मद्देनजर स्वास्थ्य सुविधाओं को पुख्ता करना ही होगा।
केंद्र सरकार टोटल बजट का लगभग दो प्रतिशत ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च करती है जो भारत जैसे विशाल देश में ऊँट के मुँह में जीरा के समान है।इस बजटीय प्रावधान को कई गुना बढ़ाना पड़ेगा ताकि राज्यों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आधारभूत संरचना हेतु केंद्र का योगदान मिल सके।
इसी प्रकार राज्यों को भी अपने बजट का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य के क्षेत्र में खर्च करना होगा।छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के समय काँग्रेस ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बड़े वादे किए थे।स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव के यूनिवर्सल हेल्थ प्लान और सभी मेडिकल कॉलेज को मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में परिवर्तित  करने की योजना का क्या हुआ किसी को पता नहीं।अब समय आ गया है कि सरकार अपने घोषणापत्र में किए वादे पूरा करे।

जिला अध्यक्ष तरुणा बेदरकर ने कहा कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर से पहले प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम 50बेड का ऑक्सीजन, वेंटिलेटर युक्त हॉस्पिटल बन जाना चाहिए।आपात स्थिति में सामुदायिक भवनों, छात्रावास, स्कूल आदि को हॉस्पिटल में परिवर्तित करने की पूर्व तैयारी की जानी चाहिए ।साथ ही साथ शहर के अंदर जितने भी शादी हेतु भवन है उनके मालिको से बात कर इस हेतु कार्य शुरू कर देना चाहिए और इसके लिए बजट सुरक्षित रखना चाहिए।मेडिकल स्टॉफ की वर्तमान में भी कमी है उसे तत्काल भरा जाना चाहिए और आपात स्थिति में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित लोगों की टीम भी बनाई जानी चाहिए।जिस तरह से बस्तर में आंध्र का स्ट्रेन से बस्तर में भारी छति की संभावनाएं एक्सपर्ट के द्वारा बताई जा रही है उसको देखते हुए इन चीज़ों पर जिला प्रशासन संज्ञान ले और मुख्यमंत्री तक बस्तर हेतु हमारी बात पहुचाए।