सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने 1,478 कैदियों को रिहा किया, जेलों के दौरे भी रदद किए गए

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने 1,478 कैदियों को रिहा किया, जेलों के दौरे भी रदद किए गए

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने आज बुधवार को राज्य की विभिन्न जेलों से कैद 1,478 कैदियों को कोरोनो वायरस बीमारी के प्रकोप के मद्देनजर जेलों से रिहा कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन कैदियों को रिहा किया गया जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है. 
इनमें वे कैदी भी शामिल हैं जो जमानत या पैरोल पर थे.

उन्होंने कहा कि 1,478 कैदियों में से 427 को तीन महीने से कम की अंतरिम जमानत, तीन महीने से अधिक की अंतरिम जमानत पर 742, पैरोल पर 262 और उनकी सजा पूरी होने पर 46 अन्य को रिहा किया गया है। जानते चलें कि छत्तीसगढ़ की जेलों में क्षमता से तीन गुना ज्यादा कैदी रह रहे हैं. इस कारण सोशल डिस्टेंसिंग मेंटने करना मुश्किल हो रहा था.

जेल अधिकारियों ने बताया कि 1,478 कैदियों में से 427 को तीन महीने से कम की अंतरिम जमानत, तीन महीने से अधिक की अंतरिम जमानत पर 742, पैरोल पर 262 और सजा पूरी होने पर 46 अन्य को रिहा किया गया है।

जानते चलें कि मंगलवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को राज्य भर की जेलों में सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने, मास्क पहनने और हाथों की लगातार धुलाई करने जैसे एहतियाती उपायों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. उन्होंने अधिकारियों को नए कैदियों को अलग-अलग बैरकों में रखने तथा नये कैदियों के लिए जेलों के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनर और हैंड सैनिटाइटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे.

अधिकारियों ने कहा कि जेल में होने वाले दौरे को भी 14 अप्रैल तक के लिए निलंबित कर दिया गया है, जब तक कि सरकार इसे और आगे नहीं बढ़ाती.