breaking news New

6 साल पहले बॉर्डर पार कर पाकिस्तान पहुंचा घनश्याम, पहुंचा अपने घर

6 साल पहले बॉर्डर पार कर पाकिस्तान पहुंचा घनश्याम, पहुंचा अपने घर

सक्ती, 10 नवंबर। कमाने खाने के लिए जम्मू कश्मीर गया पिहरीद का युवक घनश्याम जाटवर गलती से भारत के बॉर्डर को पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। तब से वह पाकिस्तान सरकार की ही कस्टडी में था। बताया जा रहा है कि उसे इस्लामाबाद की जेल में रखा गया था। छह साल बाद युवक की रिहाई हुई है, अब वह अपने वतन पहुंच चुका है। 

वतन पहुंचने की सूचना के बाद जिला जांजगीर चाम्पा के कलेक्टर यशवंत कुमार तथा पुलिस अधीक्षक महोदया पारूल माथुर द्वारा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल घनश्याम जाटवर को सकुशल उसके निवास ग्राम पिहरीद थाना मालखरौदा जिला जांजगीर चाम्पा वापस लाने हेतु रवाना किया गया । टीम में तहसीलदार रामविजय शर्मा , उप निरीक्षक शिव चरण चौहान थाना मालखरौदा तथा घनश्याम का बड़ा भाई प्रेम कुमार जाटवर शामिल थे जो अमृतसर पहुंचकर घनश्याम जाटवर से मिलापकर सकुशल 9 नवंबर की रात्रि को अपने ग्राम पिहरीद वापस आये ।

मालूम हो कि जिले के मालखरौदा क्षेत्र के पिहरीद का सम्मेलाल जाटवर, अपने परिवार के साथ छह साल पहले 2014 में जम्मू कश्मीर कमाने खाने के लिए लिए गया था। सम्मेलाल का परिवार नवाशहर के ईंट भट्ठे में काम करता था। यहां से सम्मेलाल का 19 साल का बेटा घनश्याम जाटवर, 14 अप्रैल 2014 को कहीं चला गया। काफी खोजबीन के बाद भी युवक का कोई पता नहीं चला। इसके बाद युवक का परिवार वापस अपने गांव आ गया। युवक भारत-पाकिस्तान सीमा को पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। युवक को अमृतसर के पास पाकिस्तानी सीमा में बाॅर्डर में पकड़ा और अपने कैंप में रख लिया। युवक के पाकिस्तान बॉर्डर पार करने की जानकारी मिलने पर उसके घरवालों ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर युवक के रिहाई की गुहार लगाई थी। तत्कालीन सांसद कमला पाटले ने उस समय के विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चिट्ठी लिखकर परिजन की गुहार से अवगत कराया था।