कोरोना: उत्तराखंड में संसाधनों की कमी को हाईकोर्ट में मिली चुनौती

कोरोना: उत्तराखंड में संसाधनों की कमी को हाईकोर्ट में मिली चुनौती


नैनीताल।  उत्तराखंड में कोरोना महामारी से लड़ने के लिये आड़े आ रही संसाधनों की कमी को उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गयी है। कोरोना महामारी में देवदूतों की तरह लड़ रहे चिकित्साकर्मियों के व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) की अनुपलब्धता को चुनौती का माध्यम बनाया गया है। अदालत ने केन्द्र व राज्य से वस्तु स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिये हैं। मामले की सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।

इस मामले को अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली की ओर से चुनौती दी गयी है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि प्रदेश में कोरोना महामारी से लड़ रहे चिकित्साकर्मियों के लिये पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट, ग्लब्स व सेनिटाइजर की व्यवस्था नहीं है। चिकित्साकर्मी जान जोखिम में डालकर कोरोना मरीजों का उपचार व जांच कर रहे हैं।

इससे उनके जीवन को खतरा है। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर व रामनगर में कोरोना की जांच के लिये कोई लैब उपलब्ध नहीं है। पहाड़ों में दूरदराज रहने वाली जनता के लिये कोरोना संक्रमण की स्थिति में लिये कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। 

chandra shekhar