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अर्थव्यवस्था में गोवंश के महत्व : नगरीय क्षेत्रों में गौशालाओं की करें स्थापना

 अर्थव्यवस्था में गोवंश के महत्व : नगरीय क्षेत्रों में गौशालाओं की करें स्थापना

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अर्थव्यवस्था में गोवंश के महत्व को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए गौठानों के स्थापना की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में गौशालाओं की स्थापना के निर्देश कमिश्नर  जीआर चुरेन्द्र ने दिए। अर्धशासकीय पत्र के माध्यम से उन्होंने जिले के सभी कलेक्टरों को शहरी क्षेत्रों में घुमंतु पशुओं के कारण होने वाली समस्याओं को देखते हुए शहरी क्षेत्रों की सीमाओं में गौशालाओं की स्थापना पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि गौठानों की तर्ज पर गौशालाओं को भी विभिन्न रोजगारमूलक कार्यों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनाया जा सकता है। इसके लिए गौशालाओं में चारागाह विकास, तालाब अथवा डबरी निर्माण, कुआं, नलकूप खनन आदि कार्यों की आवश्यकता होगी। इन गौशालाओं का संचालन निर्धन परिवारों की महिलाओं के माध्यम किए जाने पर गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य को भी आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने घु मंतु पशुओं की संख्या अधिक होने पर एक से अधिक गौशालाओं की स्थापना के निर्देश भी दिए, जहां पशुओं को चैबीसों घंटे रखे जाने की व्यवस्था हो। इन घुमंतु पशुओं में प्रजनन योग्य पशुओं का गर्भाधान कराने तथा दुग्ध उत्पादों के साथ गोबर एवं गौमूत्र जैसी उपयोगी वस्तुओं की प्राप्ति से रोजगार सृजन की बात कही।

उन्होंने इन गौशालाओं के प्रबंधन में पशुओं के स्वास्थ्य उपचार हेतु पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को भी तैनात करने के निर्देश दिए। इन गौशालाओं का संचालन नगरीय निकाय के अधिकारियों द्वारा किए जाने के साथ ही राजस्व विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को भी आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।