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तीसरे हत्याकाण्ड का सजायाफ्ता फरार 50 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी सिलीगुडी से गिरफ्तार

तीसरे हत्याकाण्ड का सजायाफ्ता फरार 50 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी सिलीगुडी से गिरफ्तार

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ)ने मथुरा जिले के छात्रा इलाके में 1997 में हुए तीहरे हत्याकाण्ड में आजीवन कारावास की सजा से दण्डित होनेे के बाद भी फरार चल रहें 50 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी राधाचरण को पश्चिमी बंगा के सिलीगुडी से गिरफ्तार कर लिया।

एसटीएफ प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीहरे हत्याकाण्ड में वांछित गौहारी निवासी

राधाचरण को शनिवार को एसटीएफ की टीम ने पशचिमी बंगाल के सिलीगुडी जिले के भक्तिनगर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आज उसे छाता थाने में दाखिल करा दिया। आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।

उन्होंने बताया कि इनामी सजायाफ्ता राधारण की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को लगाया गया था। इसी क्रम में एसटीएफ की नोएडा की फील्ड इकाई के अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्रा के पर्यवेक्षण में पुलिस उपाधीक्षक विनोद सिंह सिरोही के नेतृत्व में निरीक्षक सचिन कुमार, उपनिरीक्षक अवध नारायण चौधरी द्वारा टीम गठित कर अभिसूचना संकलन की गई थी। इसी क्रम में सूचना मिलने पर इस बदमाश को कल गिरफ्तार किया गया।

प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त राधाचरण ने पूछताछ पर बताया कि पेशे से वह हाइड्रोलिक मशीन का मैकेनिक है। उसके गाॅव के ग्राम प्रधान सुखीचन्द का उसके चाचा बने सिंह का वर्षी 1995 में विवाद हो गया था

और इसी रंजिश को लेकर उसने (राधाचरण) अपने साथियों के साथ मिलकर वर्ष 1997 में अपने गांव के सुखीचन्द्र तथा बलिगराम की हत्या कर दी थी, जिसमेे वह लगभग एक साल तक जेल में रहा था और जमानत पर छुटने के बाद से ही वह अपराध करने लगा था। उन्होंने बताया कि इसी रंजिश को लेकर राधाचरण का ग्राम प्रधान से फिर से झगडा हो गया था और उसने अपने भतीजेे कर्मवीर के साथ मिलकर 13 जनवरी 2018 को पहले की घटना में मृतक सुखीचन्द के पुत्र श्रवण की हत्या कर दी थी। इस सम्बन्ध में थाना छाता मथुरा पर मुकदमा दर्ज किया गया था। उसके बाद 2018 में विपक्षीगण ने (राधा चरण के भतीजे की हत्या कचहरी में करा दी थी।

उन्होंने बताया कि फरार राधाचरण के सम्बन्ध में छानबीन करने पर पता चला कि तीहरे हत्याकाण्ड में मथुरा जिले के एडीजे की अदालत से उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और सजा सुनाते समय मौका पाकर राधाचरण न्यायालय से फरार हो गया था और तभी से वह फरार चल रहा था। न्यायालय ने राधाचरण की कुर्की का आदेश भी जारी कर दिया था और उसी समय वह अपने परिचित के सहयोग से अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए सिलिगुडी, वेस्ट बंगाल

में जाकर अपनी फरारी काट रहा था। राधाचरण की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिरीक्षक, आगरा परिक्षेत्र के स्तर से

50,000 का इनाम घोषित था।

गौरतलब है कि फरारी के समय फरार राधाचरण के पुत्र धर्मवीर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए राधाचरण के गुम होने के संबंध में 12 अक्टूबर 2020 को मिथ्या सूचना थाना कैम्प पलवल हरियाणा पर दर्ज करायी थी।