breaking news New

श्रम कानूनों में बदलाव की साजिश के खिलाफ 26 नवंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने की अपील

श्रम कानूनों में बदलाव की साजिश के खिलाफ 26 नवंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने की अपील

भिलाई, 20 नवंबर। सीटू के अशोक खातरकर ने  बताया कि 26 नवंबर की हड़ताल के पक्ष में मांगों और मुद्दों को लेकर आज रेल मिल कर्मियों के बीच पर्चा वितरित कर चर्चा करते हुए संघर्ष में उतरते हुए हड़ताल में शामिल होने की अपील की। 

सरकार चल रही है चल कामगार वर्ग का बुरा हाल

देश के 10 राष्ट्रीय यूनियनों एवं फेडरेशनों ने कर्मियों के वेतन भत्तों से लेकर श्रम कानूनों में बदलाव कर किए जा रहे साजिश के खिलाफ 26 नवंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है इसे सफल बनाने के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र सहित पूरे देश में तैयारियां चल रही है। 

सीटू नेता केके देशमुख ने कहा  कि ऐसे समय में भी सरकार कामगार वर्ग के पक्ष में नीतियां बनाने के बजाय लगातार अपनी चालों को अंजाम दे रहे हैं वेतन समझौता के लिए अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज सेल कर्मियों का ग्रेजुएटी सीलिंग सुविधाओं में  कटौती जारी है  वही हाल ही में भारी उद्योग मंत्रालय के द्वारा कोरोना की बात कह कर कामगार वर्ग का DA जून 2021 तक रोक लगा गई है। एक तरफ कोरोना की आड़ में लोगों की जिंदगी बद से बदतर हो रही है वहीं दूसरी तरफ सरकार तरह-तरह की कटौतीयों को जारी रखकर आग में घी डालने में का काम कर रही है साथ ही साथ मजदूर वर्ग को गुलामी की तरफ धकेलने वाले नीतियों को थोपा रही है। 


अंतिम हथियार के रूप में हो रहा है हड़ताल

सीटू नेता केवेंद्र सुंदर ने कहा हड़ताल भिलाई के लिए कोई नई बात नहीं है यूनियने मजदूरों के हक के लिए धरना प्रदर्शन सहित विभिन्न आंदोलनात्मक गतिविधियों को करने के बाद भी प्रबंधन या सरकार द्वारा जायज मांगों को नहीं मानने पर अंतिम हथियार के रूप में हड़ताल के लिए मजबूर हुए हैं जहां एक तरफ वेतन समझौता 47 माह से लंबित है वहीं दूसरी तरफ हक की लड़ाई लड़ने पर भी पाबंदी के लिए नए नए कानून बनाया जा रहे हैं ऐसे में 26 नवंबर को होने वाला हड़ताल को कामयाब बनाना मजदूरों की जरूरत एवं जिम्मेदारी है। 

क्या है हड़ताल का मतलब

सीटू नेता अशोक खातरकर ने कहा कि हमारे साथी अक्सर एक आध घंटा किया जाने वाला प्रदर्शन धरना अथवा अन्य आंदोलनात्मक गतिविधियों को हड़ताल के नाम से संबोधित करते हैं किंतु वास्तव में यह हड़ताल नहीं है।

हड़ताल का मतलब सामान्य अर्थ में हाजिरी कटवा कर काम पर नहीं जाना होता है बहुत से साथी हड़ताल के दिन हाजिरी लगाकर बाहर आकर हड़तालियां के खड़े हो जाते है कुछ साथी हड़ताल के दिन छुट्टी भर देते हैं तो कुछ साथी वीकली ऑफ चेंज करवा लेते हैं मजदूरों को उनके मेहनत का फल अर्थात वेतन सबसे प्यारा होता है, किंतु सही मायने में हड़ताल के दिन काम पर नहीं जा कर 1 दिन की हाजरी कटवा कर 1 दिन का वेतन कटवा कर मजदूर यह बताता है कि कंपनी का उत्पादन से लेकर देश को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने तक के हर कार्य में मजदूरों का मेहनत शामिल है इसीलिए प्रबंधन एवं सरकार कोई भी मजदूर विरोधी कदम ना उठाए एवं मजदूरों के हक में निर्णय ले।

वहीं यूनियने हर बार की तरह इस बार भी हॉस्पिटल एवं फायर सर्विसेज को हड़ताल से अलग रखी है।