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लगभग 500 सालों बाद बन रहा गुरु, शुक्र और शनि का दुर्लभ योग : नरक चौदस और दीपावली एक ही दिन मनाई जाएगी

लगभग 500  सालों बाद बन रहा गुरु, शुक्र और शनि का दुर्लभ योग : नरक चौदस और दीपावली एक ही दिन मनाई जाएगी

जगदलपुर।  शुक्रवार को  चौदस और अमावस्या तिथि, गुरु और शनि दोनों खुद की राशि में होंगे. यानी ग्रह अपनी राशि धन में और शनि अपनी राशि मकर में रहेगा।   बड़ी संख्या बाजार में लोग खरीदी करते देखे गए। बड़ी संख्या में लोगों ने शुभ मुहूर्त में खरीदी की। 14 नवंबर यानी आज नरक चौदस और दीपावली एक ही दिन मनाई जाएगी।शक गह कन्या राशि में नीच का रहेगा।

इस तरह तीन बड़े ग्रहों का यह दुर्लभ योग 499 साल बाद बन रहा है। इससे पहले वर्ष 1521 में गुरु, शुक्र और शनि का यह योग बना था। साथ विधि-विधान से पूजा करने में लाभ प्राप्त होगा। गुरु और शनि लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाले कारक ग्रह माने जाते हैं।

आज शाम माता लक्ष्मी की इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा

लक्ष्मी पूजा - 14 नवंबर की शाम 5 बजकर 28 मिनट से शाम 7 बजकर 24 मिनट तक।

प्रदोष काल मुहूर्त - 14 नवंबर की शाम 5 बजकर 28 मिनट से रात 8 बजकर 07 मिनट तक।

वृषभ काल मुहूर्त - 14 नवंबर की शाम 5 बजकर 28 मिनट से रात 7 बजकर 24 मिनट तक।

दोपहर में लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 14 नवंबर की दोपहर 02 बजकर 17 मिनट से शाम को 04 बजकर 07 मिनट तक।

शाम में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त 14 नवंबर की शाम को 05 बजकर 28 मिनट से शाम 07 बजकर 07 मिनट तक।

रात में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त 14 नवंबर की रात 08 बजकर 47 मिनट से देर रात O1 बजकर 45 मिनट तक

प्रात:काल में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त- 15 नवंबर को सुबह 05 बजकर 04 मिनट से बजकर 14 मिनट तक।

499 साल के बाद बने दुर्लभ संयोगों के बीच अलग-अलग राशियों के जातकों के लिए आज के दिन वाहन की खरीदी करना शुभ होगा।