भिखारियों, बेसहारा, जरूरतमंद, दिहाड़ी मजदूरों, मंदबुद्धियों और रोजी-रोटी के लिए बाहर नहीं जा पा रहे व्यक्तियों के लिए ’स्पेशल फूड सेल’ की स्थापना

भिखारियों, बेसहारा, जरूरतमंद, दिहाड़ी मजदूरों, मंदबुद्धियों और रोजी-रोटी के लिए बाहर नहीं जा पा रहे व्यक्तियों के लिए ’स्पेशल फूड सेल’ की स्थापना


रायपुर।  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि 'कोराना वायरस के कारण बनी लॉकडाउन की स्थिति में किसी को भूखे पेट सोने नहीं देंगें’।उनके इस निर्देशो को चरितार्थ करने  जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन ने भिखारियों, बेसहारा, जरूरतमंद, दिहाड़ी मजदूरों, मंदबुद्धि ,निराश्रित व रोजी-रोटी के लिए बाहर नहीं जा पा रहे व्यक्तियों एवं परिवारों के लिए भोजन पहुंचाने बड़ा नेटवर्क तैयार कर शहर के हर छोर तक अपनी पहुंच बनाई गई है। सबसे बड़ी बात है की इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाएं, सेवाभावी संगठन और नागरिक भी सामने आकर मदद कर रहे है।


इसके लिए रायपुर में ’स्पेशल फूड सेल’ की स्थापना की गई है। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख, जिला पंचायत के सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त श्री सौेरभ कुमार के निर्देशन में दिनांक 25 मार्च से यह कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है। इस कंट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 0771- 4055574 पर जरूरतमंद व्यक्ति या परिवार सीधे कॉल कर अपनी जरुरत से अवगत करा सकते हैं। इस दूरभाष पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि,

 ,प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन भी जरुरतमंद व्यक्तियों की जानकारी प्रदान कर भोजन सुविधा में सहायता कर रहे हैं।


 इस स्पेशल सेल और विभिन्न संगठनों व माध्यम से रायपुर में प्रतिदिन औसतन 8000 फूड पैकेट बांटे जा रहे हैं। लंबी दूरी के मालवाहकों के चालकों, श्रमिकों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्रों में भी फूड पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इस काम में नगर निगम की 70 सामाजिक संस्थाएं व उनके लगभग 2 हजार वालेंटियर्स मदद कर रहे हैं।


सामाजिक संस्थाएं अपने संसाधनों से कोरोना के रोकथाम के लिए सभी आवश्यक प्रबंध व सावधानी बरतते हुए भोजन तैयार कर इसका वितरण कर रही है । कंट्रोल रूम में जिला पंचायत, रायपुर स्मार्ट सिटी, महिला बाल विकास, मत्स्य  , शिक्षा , रोजगार विभाग के जिला अधिकारियों को तैनात किया गया है एवं त्वरित भोजन उपलब्ध कराने के लिए एनजीओ का सहयोग  लिया जा रहा है, जो भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने फोन कॉल के बाद तत्काल रवाना होकर जरूरतमंद तक पहुंचाते है।


 नगर निगम के सभी 8 जोन मेे नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं,  जो ऐसे परिवारों को चिन्हित कर रही हैं जिन्हें राशन कार्ड ना होने या खाद्यान्न लेने में असुविधा हो रही है या ऐसे परिवारों जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है अथवा किसी वजह से राशन प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे परिवारों की सहायता के लिए वर्तमान में 15,000 अनाज के पैकेट तैयार कराएं जा रहे हैं, जिससे उनकी जरुरतें पूरी हो सकें।


रायपुर नगर निगम के अपने कंट्रोल एवं कमांड सेन्टर में दूरभाष क्र. 0771-4320202 के माध्यम से जोन एवं वार्डवार फल, सब्जी, अनाज, दवाएं व अन्य उपयोगी वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु 280 दुकानों की दुकानों की जानकारी आम लोगों को दी जा रही है, इस सुविधा का उपयोग क्षेत्रवासी घर बैठे आवश्यक सामग्री प्राप्त करने के लिए कर रहे हैं। 


 कलेक्टर ने अपील  है कि इस सेवाभावी कार्य में किसी भी रूप में सहयोग करने वाले इकछुक नागरिक एवं संस्थाओं कंट्रोल फोन नम्बर पर अपनी जानकारी दे सकतें है। 


12 गुरूद्वारो में लंगर


सिक्ख समाज गुरूद्वारा के संयोजक गुरूचरण सिंह  होरा ने बताया है कि रायपुर में स्थित 16 गुरूद्वारों में से 12 गुरूद्वारों  में जरूरतमंदो केे लिए 2 टाइम लंगर की व्यवस्था की जा रही है। इसे बढा कर 24 घन्टे किया जाएगा। शहर क 25 हजार बेहद गरीब परिवारो को 600 रू की लागत से आवश्यक खाद्य सामाग्री के पैकेट उपलब्ध कराये जायेगें।


पार्षद का प्रणः कोई भूखा न सोएं


रायपुर नगरनिगम के वार्ड क्रमांक 35 के पार्षद श्री आकाश तिवारी ने प्रण लिया है कि उनके वार्ड  मे कोई व्यक्ति भूखा न सोएं। उन्होने डोर टू डोर जाकर जरूरतमंद नागरिको से भोजन का पूछा है और भोजन वितरित किया है। उन्होंने स्वयं आवश्यक सामाग्री की दुकानो के सामने सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए चूना से गोला बनाया है।

chandra shekhar