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डॉ नरेंद्र ध्रुव बत्रा फिर से चुने गए एफआईएच के अध्यक्ष

डॉ नरेंद्र ध्रुव बत्रा फिर से चुने गए एफआईएच के अध्यक्ष

नयी दिल्ली . भारत के डॉ नरेंद्र ध्रुव बत्रा फिर से अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के अध्यक्ष चुने गए हैं।
बत्रा ने अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को एफआईएच की 47वीं कांग्रेस में हुए चुनावों में अपने बेल्जियम के प्रतिद्वंद्वी मार्क काउड्रोन को बेहद नजदीकी मुकाबले में 63-61 से पराजित किया। बत्रा पहले ऐसे भारतीय बन गए हैं जो लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए एफआईएच के अध्यक्ष बने हैं।

डॉ बत्रा को 124 में से 63 वोट हासिल हुए जो उन्हें हॉकी की विश्व संस्था के शीर्ष पद पर पहुंचाने के लिए काफी थे। काउड्रोन कांग्रेस में एफआईएच अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र अन्य उम्मीदवार थे। डॉ बत्रा ने अगले कार्यकाल के लिए अध्यक्ष चुने जाने के बाद कहा,'मैं सभी राष्ट्रीय संघों को एफआईएच के अध्यक्ष के रूप में दूसरे कार्यकाल के लिए मुझे चुनने पर व्यक्तिगत रूप धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं आप सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि मैं अगले तीन वर्षों में अपनी चुनावी प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए काम करूंगा।”

इससे पहले 2016 में डॉ बत्रा एफआईएच के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य और एशियन हॉकी महासंघ के उपाध्यक्ष थे। वह उस समय एफआईएच अध्यक्ष लियंड्रो नेग्रे की जगह लेने वाले पहले भारतीय बने थे। इस बार फिर से चुने जाने के बाद डॉ बत्रा वर्ष 2024 तक एफआईएच के अध्यक्ष बने रहेंगे।

डॉ बत्रा को फिर से चुने जाने के अलावा डेनी एंड्राडा बार्रिओस और हेज़ल कैनेडी एफआईएच के कार्यकारी बोर्ड में में महिला सदस्य के रूप में चुने गए। बार्रिओस को 70 और कैनेडी को 66 वोट मिले जबकि इनेज कूपर को 63 वोट ही मिले। तैयब इकराम और एरिक कर्नेलिसेन निर्विरोध कार्यकारी बोर्ड में फिर से पुरुष सदस्य के रूप में चुने गए।

खेल प्रशासन में दो दशक से ज्यादा का अनुभव रखने वाले डॉ बत्रा ने अपने पहले कार्यकाल में हॉकी को वैश्विक स्तर पर नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उन्होंने एफआईएच की होम एन्ड एवे लीग एफआईएच हॉकी प्रो लीग , एफआईएच हॉकी फाइव वर्ल्ड कप और हॉकी फाइव वर्ल्ड टूर को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

अपने दूसरे कार्यकाल के लिए डॉ बत्रा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में हॉकी खेलने वाले देशों की संख्या बढ़ाने जैसे उद्देश्यों पर जोर दिया है। इसके अलावा उन्होंने वित्तीय स्थिरता बढ़ाने , खेल के ओलम्पिक दर्जे में सुधार लाने और इवेंट्स के अंतर्राष्ट्रीय कैलेंडर को संतुलित करने पर जोर दिया है।

डॉ बत्रा ने एफआईएच कांग्रेस के दौरान वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के जरिये अपने सम्बोधन में कहा, 'मेरी पहली प्राथमिकता खेल को वैश्विक रूप से मजबूत करना है। इसके लिए हमें नए फॉर्मेट और इवेंट्स तलाशने होंगे। खिलाड़ियों को उचित ट्रेनिंग और आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराना होगा। खेल का वैश्विक रूप से विकास करने के साथ साथ हमें इसकी दृश्यता और पहुंच को भी बढ़ाना होगा। हमें अपने प्रशंसकों के साथ बेहतर तालमेल रखना होगा। हमें अमेरिका और अफ़्रीकी उप महाद्वीपों में देशों में मिले नए दर्शकों के साथ संबंधों को और बेहतर करना होगा । ”

कांग्रेस ने तीन सदस्य संघों तिमोर लेस्टे हॉकी महासंघ, जाम्बिया हॉकी संघ और सऊदी अरेबिया हॉकी महासंघ की सदस्यता के लिए आवेदनों को अपनी मंजूरी दे दी क्योंकि कार्यकारी बोर्ड उनके पात्रता को पूरी करने की शर्तों से संतुष्ट है। इसके बाद एफआईएच के सदस्य राष्ट्रों की संख्या बढ़कर 140 पहुंच गयी है।

इस बीच हॉकी इंडिया ने डॉ बत्रा को दूसरी बार अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्रो निंगोमबम ने डॉ बत्रा को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए कहा, “डॉ नरेंद्र ध्रुव बत्रा अपने पहले कार्यकाल में हॉकी समुदाय को नए फॉर्मेट और टूर्नामेंटों के जरिये एक नए युग में ले गए थे। वह हॉकी को वैश्विक रूप से फैलाने के मिशन पर हैं। हम उन्हें बधाई देते हैं और उम्मीद करते हैं कि एफआईएच अध्यक्ष के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में वह और नयी ऊंचाइयों को हासिल करें। यह भारत के लिए बड़े गर्व की बात है। हम भारत में इस खेल के विकास के लिए उनका मार्गदर्शन चाहेंगे और उनके अनुभव से सीखेंगे ।