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रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेचने वाले अभी तक फरार..कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने किया था खुलासा..स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव की चेतावनी भी काम ना आई..उधर भोपाल में डॉक्टर सहित चार गिरफतार

रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेचने वाले अभी तक फरार..कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने किया था खुलासा..स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव की चेतावनी भी काम ना आई..उधर भोपाल में डॉक्टर सहित चार गिरफतार

जनधारा समाचार
रायपुर. कोरोना संक्रमित के लिए बेहद जरूरी बन चुका रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले दोनों आरोपी अभी तक फरार हैं. जबकि स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा था कि कालाबाजारी करने वाले बख्शे नही जाएंगे. दूसरी ओर भोपाल में रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ 4 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, क्राइम ब्रांच ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, ये आरोपी 12 से 18 हजार में इंजेक्शन बेच रहे थे, आरोपियों के पास से 4 रेमडेसिविर इंजेक्शन जब्त हुए हैं.

सबसे खास बात यह है कि आरोपियों में एक डॉक्टर भी शामिल है, आरोपियों ने यह इंजेक्शन मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले युवक से लिया था। बता दें कि पूरे देश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी के कारण जमकर इस इंजेक्शन की कालाबाजारी की जा रही है।

कांग्रेस प्रवक्त विकास तिवारी ने जारी किया था वीडियो

दूसरी ओर राजधानी रायपुर में कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कालाबाजारी करने वालों को रंगे हाथ पकड़ा था लेकिन वे ऐन मौके से फरार हो गए. उसके बाद तिवारी ने वीडियो जारी करके बताया था कि रेमडेसिविर इंजेक्शन 15 हजार रूपये में बेचा जा रहा है जबकि इसकी असल कीमत 900 रूपये है. लेकिन दो दिन गुजरने के बाद भी आरोपी अभी तक पकड़े नही गए हैं. इस पूरे मामले में ड्रग कंट्रोलर की चुप्पी भी कई रहस्यों को जन्म दे रही है. ड्रग इंसपेक्टर को भी विकास तिवारी ने फोन करके जानकारी दी थी लेकिन वे भी आरोपी को पकड़ने से दूर रहे.

भाजपा ने किया कटाक्ष, सरकार कार्यवाही करे

इधर विपक्षी भाजपा ने सरकार पर तंज कसा है. भाजपा प्रवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने एक टिवट करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में दवा की कालाबाजारी जारी है..दवा के कालाबाजारी करने वाले सफल और पास हो रहे हैं जबकि छत्तीसगढ़ सरकार फेल और असफल जो उन्हें पकड़ नही पा रही.

भाजपा नेता गौरी शंकर श्रीवास ने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी के रिश्तेदार इस कालाबाजारी के शिकार हुए हैं. उन्होंने इसका खुलासा करके ड्रग माफिया को उजागर किया है लेकिन पूरी पार्टी और सरकार चुप है. हालांकि विकास ने कालाबाजारी करने वालो का नाम नही उजागर किया और उनको ऐसी छोड दिया गया. क्या वो कर्मचारी किसी कांग्रेस नेता के रिश्तेदार थे और नही तो किस दबाव मे उनको छोडा गया, ये तिवारी जी बतायें।

श्रीवास ने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि प्रवक्ता झूठ बोल रहे है कि सरकार झूठ बोल रही है। भाजपा इस बात को पहले दिन से कह रही थी कि कालाबाजारी पर कोई लगाम नही है जो अब साबित हुआ। इसलिए आरोपियों की तत्काल गिरफतारी हो और कड़ी कार्यवाही की जाए.