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कोरोना काल में आंदोलन उचित नहीं - प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू

कोरोना काल में आंदोलन उचित नहीं - प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू


वैश्विक महामारी के दौर में आंदोलनकारियों पर महामारी एक्ट व राजद्रोह के तहत दर्ज हो केस

रायपुर, 20 अक्टूबर। देश, प्रदेश और विश्व में अभी कोरोना जैसे भयंकर महामारी की चपेट में आकर लाखों लोगों की अकस्मात मौतें हो रही है जिससे परिवार बिखर रहा है। ऐसे में राज्य एवँ केंद्र सरकारों ने टीवी, अखबार एवँ विभिन्न माध्यमो से प्रचार प्रासार कर लोगों को घरों में रहने, सामाजिक दूरी का पालन करने, मास्क लगाने एवँ सेनेटाइजर के इस्तेमाल को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया हुआ है।

विभिन्न देश एवँ प्रदेश की सरकारों का आम पब्लिक को साफ साफ सन्देश है कि कोरोना जैसे वैश्विक महामारी के दौर में बीमारी से बचाव व सावधानी ही सुरक्षा है। जितना ज्यादा हो सके हमे अभी भीड़ भाड़ इलाको में जाने से बचना चाहिए, मास्क व सेनेटाइजर लगाकर रहना चाहिए। 

अभी फिलहाल सरकार की रणनीति है कि "जान है तो जहान है".....इन गम्भीर परिस्थितियों के बीच राज्य के कुछ तथाकथित शिक्षक संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के आम भोलेभाले एवँ सीधे साधे शिक्षक साथियों को राजधानी में आंदोलन करने के नाम पर उकसाया व भड़काया जा रहा है। संगठनों के उक्त कृत्य से प्रदेश के राजधानी में हजारों की संख्या में शिक्षकों की भीड़ पहुंचने की खबर आ रही है। ऐसे में कोरोना जैसे भयंकर वैश्विक महामारी के इस गम्भीर व भयंकर खतरनाक दौर में यदि राजधानी में हजारों की संख्या में शिक्षकों की भीड़ जमा हो गई तो न सिर्फ कोरोना महामारी भयंकर फैलेगी बल्कि राजधानी जैसे संवेदनशील जगह में एक गम्भीर खतरा उतपन्न हो जाएगा।

छत्तीसगढ़ प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू ने राज्य के आम शिक्षक साथियों से अपील की है कि सरकार उनकी मांगों पर गम्भीरता से विचार कर रही है तथा आने वाले समय मे शिक्षकों की मांगें पूरी होंगी। लेकिन चूंकि अभी कोरोना जैसे भयंकर संकट के वक्त आंदोलन किसी भी सूरत में उचित नहीं है। आंदोलन कोरोना काल के बाद अर्थात सामान्य समय मे भी किया जा सकता है लेकिन अभी आंदोलन उचित नहीं।

जाकेश साहू ने कहा है कि अभी शिक्षक आराम से अपना काम करते रहे। ऑनलाइन क्लास एवँ मोहल्ला क्लास लेते रहे। 

प्रांताध्यक्ष जाकेश साहू ने राज्य के भूपेश बघेल सरकार से मांग की है कि कोरोना काल मे आम शिक्षकों को आंदोलन के नाम पर भड़काने वाले तथाकथित शिक्षक नेताओ पर महामारी एक्ट के तहत कानून की विभिन्न धाराओं में गिरफ्तारी हो व इनको जेल भेजा जाए। कुछ तथाकथित लोग राज्य के शिक्षकों को भड़काकर आंदोलन करके राजधानी में अव्यवस्था एवँ कोरोना फैलाना चाहते है। ऐसे लोगो की विभागीय जांच कर इन्हें बर्खास्त कर जेल भेजा जाए।