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देश में होने लगी ‘शिक्षा की राजनीति’ केजरीवाल मॉडल की सफलता : आतिशी

देश में होने लगी ‘शिक्षा की राजनीति’ केजरीवाल मॉडल की सफलता  : आतिशी

नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं विधायक आतिशी ने कहा कि यह केजरीवाल मॉडल की सफलता है कि देश में ‘शिक्षा की राजनीति’ होने लगी है।

सुश्री आतिशी ने दिल्ली के स्कूलों की स्थिति को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा उठाए गए सवाल पर बुधवार को कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार, उनके सांसद और नेता, जो हमेशा धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करते आए हैं, आज वे कम से कम शिक्षा की बात तो कर रहे हैं। यही आम आदमी पार्टी और केजरीवाल मॉडल की सफलता है कि देश की हर पार्टी को आज स्कूलों की बात करनी पड़ रही है।

विधायक ने कहा कि मैं सांसद मनोज तिवारी और भाजपा की एनसीपीसीआर से आग्रह करूंगी कि वे मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के भी कुछ स्कूल देखकर आएं। उन्हें तब पता चलेगा कि किस तरह कबाड़खाने में स्कूल चल रहे हैं।

बच्चों के पास बैठने के लिए बेंच नहीं हैं। पीने के लिए पानी नहीं है और टॉयलेट नहीं हैं। बीते सात साल में केजरीवाल सरकार ने सरकारी स्कूलों का कायापलट किया है।

उसी की वजह से आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों का एडमिशन आईआईटी और जेईईई में हो रहा है और प्राइवेट स्कूलों से बेहतर नतीजे आ रहे हैं।

यही कारण है कि सर्वश्री मनोज तिवारी, रमेश बिधूड़ी और प्रवेश वर्मा को एक भी ऐसा स्कूल नहीं मिला, जहां बच्चों के पास बैठने के लिए बेंच नहीं था या टीचर नहीं थे। बड़ी मुश्किल से उन्होंने दो-चार ऐसे स्कूल खोज कर निकाले और कहा कि यहां दीवारों पर व्हाइट वॉश नहीं हुआ है।

वहीं, दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल की कमी पर विधायक आतिशी ने कहा, “केंद्र सरकार की यूपीएससी को दिल्ली के सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल की भर्ती करनी होती हैं।

हम बार-बार कह चुके हैं कि हमारे प्रिंसिपल भर्ती करिए, उनकी परीक्षा कराइए, लेकिन यूपीएससी वो फाइल रोककर बैठी हुई है। मैं मनोज तिवारी से आग्रह करूंगी कि अगर उनको दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की इतनी ही चिंता है, तो अपनी केंद्र सरकार से वो फाइल निकलवा कर प्रिंसिपल भर्ती कराएं, ताकि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल की कमी दूर हो जाए।”