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आखिर क्‍यूं भ्रष्‍टाचार का खुलासा करने से पीछे हट रहीं है महापौर : नेता प्रतिपक्ष

आखिर क्‍यूं भ्रष्‍टाचार का खुलासा करने से पीछे हट रहीं है महापौर : नेता प्रतिपक्ष

बूढ़ा सागर में भ्रष्‍टाचार के मामले में एक माह बाद भी गठित नहीं की गई जांच समिति - नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु

राजनांदगांव। बूढ़ा सागर सौंदर्यीकरण में भ्रष्‍टाचार के मामले में जांच को लेकर अब महापौर  हेमा देशमुख पर सवाल दागे जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने कहा कि इस विषय पर बजट बैठक के दौरान सभी की सहमती से जांच हेतु प्रस्‍ताव पारित किया गया था। सभी पार्षद बूढ़ा सागर में जांच की मांग कर रहे थे जो कि भाजपा का उठाया मुद्दा था। करीब एक माह बीतने के बाद भी बूढ़ा सागर सौंदर्यीकरण में भ्रष्‍टाचार को लेकर जांच कमेटी तक गठित नहीं की गई है। 

नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने बताया कि पूर्व महापौर के कार्यकाल के दौरान भी बूढा़ सागर सौंदर्यीकरण की जांच की गई थी। लेकिन एक माह पहले सदन में जब यह मामला उठा तब भी महापौर, आयुक्‍त ने उस जांच रिपोर्ट की जानकारी सदन में नहीं दी। एक तरह से जांच रिपोर्ट की तथ्‍यों को छिपाया गया। दूसरी ओर सदन में दोबारा सौंदर्यीकरण कार्य में भ्रष्‍टाचार के लिए जांच की मांग उठी और सहमति भी बनी तब भी महापौर जांच से पीछे हट रहीं हैं। 

नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु ने महापौर को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाया कि बजट बैठक के दौरान जब जांच को लेकर सहमति मिल चुकी है तो क्‍यूं अब तक इसके लिए कमेटी गठित नहीं की गई है। श्री यदु ने कहा कि निगम से भ्रष्‍टाचार मिटाने का दावा करना महज दिखावा ही साबित हुआ है। असल मायनों में राजधर्म के इतर महापौर दिखावे की राजनीति ही कर रही हैं। बूढ़ा सागर के सौंदर्यीकरण में करोड़ों के भ्रष्‍टाचार के आरोप लग रहे हैं।

 यदु ने कहा कि, आखिर जांच से पीछे हटने का कारण क्‍या है। क्‍यूं महापौर इस मामले में जांच को लेकर कमेटी गठित करने से कतरा रहीं है ? नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि आशंका है कि महापौर भी भ्रष्‍टाचार के इस मामले भागीदार हैं और यही कारण भी है कि वो निगम के जिम्‍मेदार अधिकारियों को इस मामले में बचाने की कोशिश कर रही हैं। यही कारण दिखता है कि सौंदर्यीकरण में भ्रष्‍टाचार की जांच को लेकर अभी तक कमेटी गठित नहीं की गई है और न ही पूर्व में हुई जांच का ही खुलासा किया जा रहा है। 

नेता प्रतिपक्ष श्री यदु ने कहा कि इस विषय पर महापौर श्रीमती हेमा देशमुख को साफ करना चाहिए कि आखिर वे क्‍यूं पूर्व में हुई जांच के तथ्‍यों को छिपा रहीं हैं और क्‍यूं भ्रष्‍टाचार के इस मामले में जांच को लेकर कमेटी का गठन नहीं किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि नि:संदेह बूढ़ा सागर के कार्य में बड़ा गोलमाल हुआ है। जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन महापौर चाहे जितनी ही कोशिशें कर लें बूढ़ा सागर में हुए भ्रष्‍टाचार की सतहें उधेड़ी जाएंगी और सच सामने आकर रहेगा।