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पात्र श्रमिकों को मिलेगा 6 हजार रूपये सालाना, 1 सितम्बर से 30 नवम्बर तक होगा पंजीयन

 पात्र श्रमिकों को मिलेगा 6 हजार रूपये सालाना, 1 सितम्बर से 30 नवम्बर तक होगा पंजीयन

गरियाबंद ।  राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत आगामी 1 सितम्बर से 30 नवम्बर 2021 तक ग्रामीण मजदूरों का पंजीयन कार्य ग्राम पंचायतों में किया जायेगा। योजना के अंतर्गत चयनित भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 6 हजार रूपये की राशि राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता बतौर दी जायेगी। कलेक्टर  निलेशकुमार क्षीरसागर की अध्यक्षता में आज आयोजित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में समिति सदस्यों को योजना क्रियान्वयन व पात्र मजदूरों के सर्वे के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। कलेक्टर  क्षीरसागर ने कहा कि योजना में अपात्र लोग शामिल न होने पाए, अधिकारी इस पर विशेष ध्यान रखें। ग्राम पंचायतों में पर्याप्त मात्रा में आवेदन फार्म की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। योजना के संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गांवों मे मुनादी, पाम्प्लेट, छत्तीसगढ़ी वीडियो क्लीपिंग आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

कलेक्टर ने योजना के संबंध में अवगत कराया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों को संबल प्रदाय करने की दृष्टि से राज्य शासन द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रारंभ किया जा रहा है। योजनांतर्गत कट ऑफ डेट (पात्रता दिनांक) 01 अप्रैल 2021 होगा। 01 अप्रैल 2021 की स्थिति में योजनांतर्गत निर्धारित पात्रता होनी चाहिए। योजना अंतर्गत पात्रता केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को होगी। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे सभी मूल निवासी भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे, जिस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है। पट्टे पर प्राप्त शासकीय भूमि यथा वन अधिकार प्रमाण पत्र को कृषि भूमि माना जाएगा। ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, घोबी, पुरोहित जैसे-पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक तथा शासन द्वारा समय-समय पर नियत अन्य वर्ग भी पात्र होंगे, यदि उस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है। भूमिहीन कृषि मजदूर से अभीप्राय ऐसा परिवार जो कोई कृषि भूमि धारण नहीं करता और जिसकी जीविका का मुख्य साधन शारीरिक श्रम करना है और उसके परिवार का जिसका की वह सदस्य है, कोई सदस्य किसी कृषि भूमि को धारण नहीं करता है। इसी तरह परिवार से आशय किसी व्यक्ति का कुटुम्ब अर्थात् उसकी पत्नी या पति, संतान तथा उन पर आश्रित माता-पिता से है। कृषि भूमि धारण नहीं करना से आशय, उस परिवार के पास अंश मात्र भी कृषि भूमि नहीं होना है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल, उप संचालक कृषि  एफ.आर. कश्यप, डिप्टी कलेक्टर  भूपेन्द्र साहू, श्रम पदाधिकारी  डी.एन. पात्र, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी  नेहरू निराला, एलडीएम  राजीव रंजन सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।