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किसान आन्दोलन में शहीद हुए साथियों को देंगे श्रद्धांजलि

किसान आन्दोलन में शहीद हुए साथियों को देंगे श्रद्धांजलि

 किसानो के साथ एकता के लिए बनाएंगे  मानव श्रृंखला 

  रायपुर । पिछले 25 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर जारी अविचल किसान आंदोलन में 22 से अधिक किसानो की शहादत   ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच  व  विभिन्न जनसंगठनों द्वारा श्रद्धांजलि दिया जायेगा।   केंद्र सरकार द्वारा किसानों की कृषि कानून में बदलाव व बिजली कानून 2020 को वापस लेने की मांग  पर  किसानो की शहादत के बावजूद भारत सरकार के अड़ियल रुख और इस आन्दोलन के खिलाफ दुष्प्रचार कर अपने पिट्ठू संगठनों से समर्थन के विरोध में  ज्ञापन दिलवाने जैसा कार्य किया जा रहा है।   पूरे सोशल मीडिया में अपने आई टी सेल के  लोगों से आंदोलनकारियों को खालिस्तानी, पाकिस्तानी, अर्बन नक्सली जैसे घिनौने आरोप लगाकर बदनाम करने की सरकारी कोशिशों का पुरजोर विरोध करते हुए 20 दिसम्बर को  किसान आन्दोलन में शहीद हुए साथियों को श्रद्धांजलि देंगे।  

किसान के आन्दोलन का समर्थन करते हुए  उनके साथ एकजुटता व्यक्त करने 20   दिसम्बर को  रायपुर में भी नगर निगम कार्यालय के सामने स्थित गार्डन के समक्ष   दोपहर 12 बजे श्रद्धांजलि सभा कर मानव श्रृंखला का निर्माण करने का आव्हान किया है । इसमें    इंटक, एटक, सीटू, एच एम एस, एक्टू, बैंक, बीमा, राज्य केंद्र कर्मचारियों के साथ ही वाम डाल, रंगकर्म, साहित्य, कला, पत्रकारिता और समाज के।प्रत्येक हिस्से से जुड़े आम नागरिक भी शिरकत करेंगे । 

  सीटू के अध्यक्ष बी सान्याल,  राज्य सचिव धर्मराज महापात्र, इंटक अध्यक्ष संजय सिंह,  एटक महासचिव हरनाथ सिंह, एच एम एस कार्यकारी अध्यक्ष, एच एस मिश्रा, एक्टू महासचिव बृजेंद्र तिवारी, तृतीय वर्ग शा़ कर्म संघ के अध्यक्ष राकेश साहू, एस टी यू सी के सचिव एस सी भट्टाचार्य, बीमा कर्मी नेता वी एस बघेल, अलेक्जेंडर तिर्की,  सुरेन्द्र शर्मा, केन्द्रीय कर्म नेता आशुतोष सिंह, दिनेश पटेल, राजेंद्र सिंह, मानिक राम पूराम, बी एस एन एल के महासचिव आर एन भट्ट, बैंक कर्मी महासचिव शिरीष नलगुंडवार, डी के सरकार,  मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के नवीन गुप्ता, प्रदीप मिश्रा, विभाष पैतुंडी, एस एफ आई के राजेश अवस्थी, जनवादी नौजवान सभा के प्रदीप गभने, शीतल पटेल, मनोज देवांगन, जनवादी महिला समिति की गंगा साहू, अंजना बाबर, दलित शोषण मुक्ति मंच के रतन गोंडाने, इप्ता के मिन्हास असद, अरुण काठोटे, निसार अली, शेखर नाग, गांधी सेवा संस्थान के विक्रम सिंघल ने  किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले प्रतिगामी और किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग किया।   

 समस्त  संगठनों ने नागरिक समाज के प्रत्येक हिस्से  से इस न्याय युद्ध में किसानों का साथ देने और शहीद किसानो को श्रद्धांजलि देने इसमें शामिल होने की अपील की है । ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्र ने किसान आंदोलन के आव्हान के तहत  20  दिसम्बर के इस  प्रतिरोध सहित अदानी, अम्बानी के उत्पादों का सम्पूर्ण बहिस्कार  करने को कामयाब बनाने की अपील की ।