मध्य प्रदेश के दो IAS ने बांटा कोरोना, संपर्क में आने से 94 लोग संक्रमित, दोनों अफसरों सहित सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव

मध्य प्रदेश के दो IAS ने बांटा कोरोना, संपर्क में आने से 94 लोग संक्रमित, दोनों अफसरों सहित सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव

भोपाल. देशभर में जब स्वास्थ्य विभाग कोरोना से लड़ाई लड़ रहा है और लोगों के इलाज में लगा है तब मध्य प्रदेश में अलग ही कहानी सामने आई है. स्वास्थ्य विभाग की तत्कालीन प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल और हेल्थ कॉर्पोरेशन के एमडी जे विजय कुमार कोरोना संक्रमित होने के बावजूद बैठक इत्यादि लेते रहे नतीजन उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के 94 कर्मचारी और अफसरों को संक्रमित कर दिया है.  इनके सहित दोनों अफसरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

सूत्रों के मुताबिक दोनों आइएएस अधिकारी कोरोना से संक्रमित थे, उसके बावजूद विभागीय बैठकों में भाग लेते रहे। पल्लवी जैन गोविल तो कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद भी अपने घर से हेल्थ बुलेटिन जारी करती रहीं। दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई है। यहीं नहीं पल्लवी सीएम के साथ भी बैठकों में शामिल होती रहीं। मध्यप्रदेश में कथित रूप से स्वास्थ्य विभाग को ही कोरोना हो गया है। भोपाल में कोरोना के 196 मामले हैं, जिनमें 94 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अफसर हैं। ये सवाल इसलिए है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की रिपोर्ट राजधानी भोपाल में तब पॉजिटिव आ रही थी, जब यहां कोरोना का प्रभाव उतना ज्यादा नहीं था। इसके लिए विभाग के ही दो बड़े आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

दोनों अधिकारियों ने अपनी हनक के आगे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को खतरे में डाल दिया है। पल्लवी जैन गोविल का बेटा अमेरिका से लौटकर आया था, लेकिन वह होम क्वारंटीन में नहीं गई। हर दिन दफ्तर आकर दर्जनों लोगों से मिलती रहीं। कॉर्पोरेशन के एमडी जे विजय कुमार की रिपोर्ट 3 अप्रैल को पॉजिटिव आई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इन दोनों अधिकारियों ने ही कोरोना कैरियर का काम किया है। हद तो तब हो गई थी, जब ये अस्पताल में इलाज करवाने जाने के लिए तैयार नहीं थे। बाद में मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बाद प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हुए।