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विधानसभा चुनावों के बाद खाली हुई राज्य सभा की 4 सीटें

विधानसभा चुनावों के बाद खाली हुई राज्य सभा की 4 सीटें

नई दिल्ली। हाल ही में संपन्न हुए चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेशों के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य सभा की चार सीटें खाली हुई हैं। ये सभी चारों सांसद विधानसभा के जरिए राज्य सभा तक पहुंचे थे। आपको बता दें कि इनमें से कुछ सदस्य अपने-अपने राज्यों में मंत्री के रूप में भी काम करेंगे।
2017 में राज्यसभा के लिए चुने गए तृणमूल कांग्रेस के सांसद डॉ मानस भुइयां ने विधानसभा चुनाव लड़ा था और अब वह राज्य के जल संसाधन जांच और विकास मंत्री हैं। इसी तरह, अन्नाद्रमुक के आर. वैथिलिंगम, जो 2022 में राज्य सभा से रिटायर होने वाले थे, ने ओरथानाडु निर्वाचन क्षेत्र से जीतने के बाद संसद से इस्तीफा दे दिया। वह तमिलनाडु विधानसभा की विपक्षी बेंच में हैं। उनकी पार्टी के सहयोगी केपी मुनुसामी ने भी तमिलनाडु विधानसभा के सदस्य बनने के लिए संसद से इस्तीफा दे दिया। मुनुसामी ने वेप्पनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता है। एक अन्य राज्यसभा सांसद, असम से बिस्वजीत दैमारी ने उच्च सदन छोड़ दिया। राज्य के कुछ अधिकारियों के अनुसार, भाजपा विधायक के राज्य विधानसभा के अगले अध्यक्ष होने की संभावना है। इनके अलावा तारकेश्वर सीट से बंगाल चुनाव लडऩे से पहले मनोनीत सांसद स्वप्न दासगुप्ता ने सदन से इस्तीफा दे दिया था। प्रक्रिया के अनुसार राज्यसभा में इन रिक्तियों को भरने के लिए उपचुनाव होंगे। जबकि तृणमूल और भाजपा अपने सांसदों द्वारा खाली की गई सीटों को बरकरार रखने में सक्षम होंगे। तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक सांसदों द्वारा खाली की गई दोनों सीटें सत्तारूढ़ द्रमुक के पास जाने की संभावना है। जबकि असम, बंगाल और तमिलनाडु की चार सीटों पर उपचुनाव होंगे। भारत के राष्ट्रपति को दासगुप्ता की सीट के लिए एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को नामित करना होगा। हालांकि, नियम दासगुप्ता के पुनर्नामांकन की भी अनुमति देते हैं।