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बाजार : जिओ' का एक और धमाका, 500 रुपये से सस्ता फोन लॉन्च करने की तैयारी, लोन सस्ता नहीं करेगा आरबीआई

बाजार : जिओ' का एक और धमाका, 500 रुपये से सस्ता फोन लॉन्च करने की तैयारी, लोन सस्ता नहीं करेगा आरबीआई

रिलायंस जियो ने साल 2017 में जियो फोन पेश किया था, जो सबसे सस्ता 4जी फोन था. उसके बाद कंपनी ने जियो फोन 2 को बाजार में 2,999 रुपये की कीमत में उतारा. उसके बाद एक ऑफर के तहत जियो फोन 1 को 500 रुपये की कीमत पर बेचा गया. वहीं, अब खबर है कि जियो 500 रुपये से कम में भी फोन लॉन्च करने वाला है.

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली जियो ने इसके बाद जियो फोन 2 को अपग्रेडेड वेरिएंट के तौर पर लॉन्च किया. जियो फोन 2 लॉन्च होने के बाद भी सबसे पहले लॉन्च हुआ जियो फोन बिक रहा है. फिलहाल जियो फोन 699 रुपये में खरीदा जा सकता है. अब ऐसा लगता है कि रिलायंस जियो एक ज्यादा सस्ते हैंडसेट को उतारने की योजना बना रही है. जियो फोन के सस्ते वेरिएंट के तौर पर जल्द लॉन्च किया जा सकता है.

एक रिपोर्ट से पता चला है कि जियो फोन 5 पर काम चल रहा है. नया जियो फोन भी एक फीचर फोन ही होगा. खबरों के मुताबिक, जियो फोन 5 ओरिजिनल जियो फोन का एक लाइट वर्जन होगा. इसका मतलब है कि इसे जियो फोन की मौजूदा कीमत से कम दाम में बेचा जाएगा.

लोन सस्ता नहीं करेगा आरबीआई


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा. एसबीआई की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ‘गैर-परंपरागत नीतिगत उपाय' कर सकती है. हालांकि, इसके पहले विदेशी ब्रोकरेज कंपनी बार्कलेज के विशेषज्ञों ने गुरुवार को कहा कि रिजर्व बैंक को अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज करने के लिए सकल मुद्रास्फीति में वृद्धि के बावजूद अगले सप्ताह मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में एक बार फिर कटौती करनी चाहिए. आरबीआई के गवर्नर की अगुआई वाली एमपीसी की तीन दिन की बैठक 4 अगस्त को शुरू होगी. बैठक के नतीजों की घोषणा 6 अगस्त को की जाएगी.

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट-इकोरैप में कहा गया है, ‘हमारा मानना है कि अगस्त में रिजर्व बैंक दरों में कटौती नहीं करेगा. एमपीसी की बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि मौजूदा परिस्थतियों में वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए और क्या गैर-परंपरागत उपाय किए जा सकते हैं.' रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी से रेपो रेट में 1.15 फीसदी की कटौती हो चुकी है. बैंकों ने ग्राहकों को नये कर्ज पर इसमें से 0.72 फीसदी कटौती का लाभ दिया है. कुछ बड़े बैंकों ने तो 0.85 फीसदी तक का लाभ स्थानांतरित किया है.

रिपोर्ट कहती है कि इसकी वजह यह है रिजर्व बैंक ने नीतिगत उद्देश्यों को पाने के लिए आगे बढ़कर तरलता को एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान लोगों ने वित्तीय परिसंपत्तियां रखने को प्राथमिकता दी है. इससे देश में वित्तीय बचत को प्रोत्साहन मिला है. रिपोर्ट के अनुसार, ‘वित्त वर्ष 2020-21 में वित्तीय बचत में इजाफा होगा. इसकी एक वजह लोगों द्वारा एहतियाती उपाय के तहत बचत करना भी है.'