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शिशु संरक्षण माह का आयोजन 24 से, जिलेभर होंगे जागरुकता कार्यक्रम

शिशु संरक्षण माह का आयोजन 24 से, जिलेभर होंगे जागरुकता कार्यक्रम

 बच्चों को दी जाएगी विटामिन ए और आईएफए सिरप की खुराक 

राजनांदगांव। कोरोना संकटकाल में लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। किसी भी बीमारी से बचाने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अब अहम यह भी है कि ऐसे समय में विशेषकर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता का भी ध्यान रखा जाए। पौष्टिक आहार के साथ ही उनके लिए विटामिन ए की खुराक देना काफी जरूरी है। यह खुराक नौ माह से 5 साल तक के बच्चों को 6 माह में एक बार दी जाती है। विटामिन ए की खुराक से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। साथ ही कुपोषण में भी कमी आती है। 

विटामिन ए की कमी से बच्चे लगातार बीमार पड़ सकते हैं। बच्चों की आंखें कमजोर हो सकतीं हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में शिशु संरक्षण माह का आयोजन 24 अगस्त से 28 सितंबर 2021 तक किया जाएगा। इसके अंतर्गत निर्धारित तिथियों में सभी टीकाकरण केन्द्रों में मंगलवार एवं शुक्रवार को टीकाकरण की सेवाओं के साथ साथ विटामिन ए की खुराक भी प्रदान की जाएगी। शिशु संरक्षण माह के दौरान नौ माह से 11 माह तक के सभी बच्चों को एक एमएल एवं एक वर्ष से पांच वर्ष तक की उम्र के बच्चों को दो एमएल विटामिन ए की खुराक दी जाएगीए साथ ही  06 माह से 05 वर्ष तक के सभी बच्चों को आयरन फॉलिक एसिड सिरप दी भी जाएगी। 

11 सत्रों के लिए चलने वाला यह अभियान, 24 अगस्त, 27 अगस्त, 31 अगस्त, 3 सितंबर, 7 सितंबर, 10 सितंबर, 14 सितंबर, 17 सितंबर, 21 सितंबर, 24 सितंबरए 28 सितंबर को आंगनवाड़ी केंद्र व सुव्यवस्थित स्थान पर संचालित किया जाएगा। इस दौरान कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार ही बच्चों को विटामिन ए और आयरन सिरप की खुराक दी जाएगी, साथ ही शारीरिक दूरी का भी ध्यान रखा जाएगा।  

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा, शिशुवती माताएं निर्धारित समय में केंद्रों पर पहुंचकर अपने बच्चे को विटामिन ए की खुराक पिलाएं। विटामिन ए की खुराक से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता व मानसिक विकास में वृद्धि एवं आंख में रात में होने वाला अंधापन (नाइट ब्लाइंडनेस) की रोकथाम करने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के दौरान निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को शत-प्रतिशत विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। इस दौरान केंद्र पर भीड़ लगाने से बचें, शारीरिक दूरी का ध्यान रखें और पूर्व में निर्धारित समय पर पहुंचकर बच्चों को कार्यक्रम का लाभ दिलवाएं।