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नवीन खदानों को खोलने केंद्रीय कोयला मंत्री को लिखा पत्र, SECL मुख्य महाप्रबंधक चिरमिरी को सौंपा ज्ञापन

नवीन खदानों को खोलने केंद्रीय कोयला मंत्री को लिखा पत्र, SECL मुख्य महाप्रबंधक चिरमिरी को सौंपा ज्ञापन


 त्रिलोचन चक्रवर्ती 

कोरिया -चिरिमिरी 

कोरिया/चिरमिरी: गत दिवस भाजपा चिरमिरी मंडल के प्रतिनिधि मंडल जिसमें भाजपा किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष रघुनंदन यादव, पूर्व सभापति किर्तीवासो राउल, नेता प्रतिपक्ष संतोष कुमार सिंह, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्रीमती रानी गुप्ता ने मुख्य महाप्रबंधक एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र से मुलाकात कर केंद्रीय कोयला मंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा।

जिसमें कहा गया है कि एस0ई0सी0एल0 बिलासपुर मुख्यालय अंतर्गत आने वाले चिरमिरी क्षेत्र में कोयला प्रचूर मात्रा में उपलब्ध है, किंतु उसका सही ढंग से दोहन न हो पाने के कारण चिरमिरी की काफी खदानें बंद होती जा रही है। भाजपा चिरमिरी मंडल के द्वारा जो जानकारियां एकत्रित की गई है, उसके अनुसार अभी आने वाले 30-40 सालों तक के लिए खदानें संचालित होना संभावित नजर आता है। लेकिन किन्ही कारणों वश खदानों को बंद किए जाने की क्षेत्र व राष्ट्रहित में गलत है। वेस्ट चिरमिरी कॉलरी में पूर्व के मुख्यमहाप्रबंधक व अन्य अधिकारियों के द्वारा सिम नंबर 4 व 5 में खुली खदान के माध्यम से कोयला निकालकर सिम नंबर 5 से लगभग 30 साल चलने वाली अंडर ग्राउंड खदान की कार्य योजना बनाई थी लेकिन सिम नंबर 4 में कार्य के दौरान ठेकेदार के द्वारा काम छोड़ देने के बाद चिरमिरी एरिया के

पूर्वमुख्यमहाप्रबंधक व अन्यअ अधिकारियोंके द्वारा साजिश के तहत वेस्ट चिरमिरी कालरी को बंद करने का प्रयास किये जाने की चर्चा आम है। चिरमिरी क्षेत्र के एनसीपीएच कॉलरी की अंडर ग्राउंड खदानों में प्रचुर मात्रा में कोल भंडार होने के बावजूद गलत ढंग से खनन कार्य करने के बाद कुछ बाधाओं के कारण माइंस को बंद करने का प्रयास किया गया है जबकि यहां की माइंस में आ रही व्यवधानों को दूर करने का प्रयास किये जाने से कम से कम 25 सालों तक यहां की अंडर ग्राउंड खदानों से कोयला उत्पादन हो सकता है। एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के कुरासिया कॉलरी में प्रचुर मात्रा में खुली खदान चलाने व भूमिगत खदान चलाने के लिए कोयला होने के बाद भी संचालित हो रही खुली खदान को साजिश के तहत बंद कर दिया गया।


वहीं पर भूमिगत खदान में पानी भरने के बाद सही रूप से पानी निकालने का प्रयास नहीं करने के बाद इस खदान को भी बंद करने की कोशिश की जा रही है, कुरासिया खदान में छोड़े गए कोयला व सीम नंबर 4 व 5 का यदि सही रूप से दोहन किया जाता है, तो कम से कम 20 वर्षों तक यहां खुली खदान का संचालन किया जा सकती है। एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र की महत्वपूर्ण खदान चिरमिरी खुली खदान परियोजना के आसपास बड़ी मात्रा में कोयला भंडार मौजूद होने के बाद उसे निकालने हेतु सही कार्य योजना नहीं बनाने के साथ ही साथ एसईसीएल के पुराने व उपयोगविहीन मकानों को नहीं हटाने के चलते यह खदान भी कभी भी बंद हो सकती है। इस खदान के संचालन में एसईसीएल के उपयोगविहीन मकानों व खाली पड़े जमीनों का उपयोग करके इस खुली खदान को कम से कम 10-15 साल के लिए आसानी से संचालित किया जा सकता है

एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोरिया कॉलरी, नार्थ चिरमिरी व डोमनहिल की भूमिगत खदानों में बड़ी मात्रा में कोयला होने के बाद भी पूर्व के अधिकारियों द्वारा गलत संचालन करते हुए खदान को समय से पहले ही बंद करके राष्ट्र को क्षति पहुंचाई गई है, जबकि जानकारों के अनुसार इन खदानों में आ रही कुछ बाधाओं का सही निराकरण किया जाता तो इन खदानों की आयु 15-20 साल और आराम से बढ़ सकती थी। एसईसीएल चिरमिरी एरिया अंतर्गत लक्ष्मणझरिया, भंडारदेई-भुकभुकी खदानों के संचालन हेतु केंद्रीय वन मत्रालय व भारत के राजपत्र में भी स्वीकृति होने की जानकारी मिली है। प्रचुर मात्रा में उच्च कोटि का कोल भंडार मौजूद है एसीसीएल व चिरमिरी एरिया प्रबंधन इन स्थलों में सर्वेक्षण कार्य को प्राथमिकता नहीं देकर कोयला नहीं है।

व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए तो यहां कम से कम 25-50 वर्षों के लिए बड़ी मात्रा में उच्च कोटि कोयला मिल सकता है जिससे चिरमिरी क्षेत्र को स्थायित्व प्राप्त हो सकेगा। द्वारा गलत संचालन करते हुए खदान को समय से पहले ही बंद करके राष्ट्र को क्षति पहुंचाई गई है, जबकि जानकारों के अनुसार इन खदानों में आ रही कुछ बाधाओं का सही निराकरण किया जाता तो इन खदानों की आयु 15-20 साल और आराम से बढ़ सकती थी। एसईसीएल चिरमिरी एरिया अंतर्गत लक्ष्मणझरिया, भंडारदेई-भुकभुकी खदानों के संचालन हेतु केंद्रीय वन मत्रालय व भारत के राजपत्र में भी स्वीकृति होने की जानकारी मिली है। प्रचुर मात्रा में उच्च कोटि का कोल भंडार मौजूद है एसीसीएल व चिरमिरी एरिया प्रबंधन इन स्थलों में सर्वेक्षण कार्य को प्राथमिकता नहीं देकर कोयला नहीं है।

व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए तो यहां कम से कम 25-50 वर्षों के लिए बड़ी मात्रा में उच्च कोटि कोयला मिल सकता है जिससे चिरमिरी क्षेत्र को स्थायित्व प्राप्त हो सकेगा। ज्ञापन में उल्लेखित करते हुए केंद्रीय कोयला मंत्री से आग्रह किया गया है कि एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र यहां के स्थायित्व व बसाहट को विरान होने से बचाने के साथ ही नवीन खदानां के सही और उचित संचालन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के साथ ही 5 दिवस के भीतर एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र द्वारा भाजपा चिरमिरी मंडल को जानकारी देने की बात कही गयी है। अन्यथा 22 अक्टूबर को भाजपा चिरमिरी मंडल के द्वारा सांकेतिक धरना प्रदर्शन किए जाने की बात कही गयी है