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मनरेगा योजना के तहत शौचालय निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार, फर्जी बिल प्रस्तुत

मनरेगा योजना के तहत शौचालय निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार, फर्जी बिल प्रस्तुत


खडगवा। जनपद पंचायत खडगवा के मनरेगा योजना के तहत हुए शौचालय निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार किया गया है ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत भरदा के तत्कालीन सरपंच सवयं  बीराबाई के द्रारा कलेक्टर के जनदर्शन मे हितग्राहियों के कुछ शौचालयों के भुगतान के लिए फर्जी बिल प्रस्तुत करने की शिकायत किया गया था इस शिकायत के संबंध में जब सूचना के अधिकार से जानकारी प्राप्त हुई तो मामला के जाच प्रतिवेदन मे तथ्य सामने आए जिला पंचायत से पत्र क्रमांक 968 दिनांक25/5/2016 को जारी प्रशासकीय स्वीकृति के उपरांत जनपद पंचायत से दिनांक 30/5/2016को आदेश क्रमांक 165 द्रारा 217नग शौचालय निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति ग्राम पंचायत भरदा को निर्माण एजेंसी बनाकर दी गई और प्रथम चरण में एजेंसी ग्राम पंचायत द्रारा कुल 170 नग शौचालयों के पूणर्तः प्रमाण पत्र उपयोगिता प्रमाण पत्र सहित सभी बिल जनपद पंचायत कार्यालय में जमा किये गए ग्राम पंचायत के अनुसार सभी बिल दो फर्म क्रमशः राजेश कुमार जयसवाल और मेसर्स विनोद कुमार सिंह के सामग्री प्रदाय के प्रस्तुत किये गए इनके द्रारा लगाए गए !

सभी बिलो की जाच मे सही पाया गया कि सभी अलग अलग नंबर एवं मालिक के हस्ताक्षर रित है एवं प्रथम चरण में बने160 नग शौचालयों मे इनके बिल जो सरपंच व सचिव के हस्ताक्षरित है और 10 नग शौचालयों मे आयुश फलाई एश ब्रिक्स नामक फर्म के बिल लगाए गए हैं इनमें से एक भी बिल मूल प्रति मे नहीं है सभी बिलो मे एक ही नंबर 99 दर्ज है जिसे अलग अलग लिखने वालो के द्रारा भरा गया है एक ही बिल में कई तरह की लिखावट से यह स्पष्ट है कि एक नंबर के आधार पर ही सभी बिलो के भुगतान भी सबधित फर्म को दिया गया और फर्म के मालिक ने यह स्वीकार भी किया है है कि एक ही बिल प्रस्तुत किया है बाद में उसकी फोटोकापी कराकर अन्य 9 बिल लगाए गए हैं और जिन बिलो को प्रस्तुत किया गया है उनमें 99 नंबर के दो बिल एक जैसे हैं !

उनमें केवल बिल के दिनांक अलग अलग है एक मे 12/7/16 अंकित है दूसरे मे 10/9/2016 अंकित है और सभी बिलो मे फर्म की टीन नंबर 22784803234 दर्ज है सभी बिलो मे अलग से लाल पेन से नंबर लिखे गए हैं और आयुश फलाई एस ब्रिक्स के संचालक अजय कुमार साहू ने  बताया कि फोटोकापी करके लगाया गया है तकनीकी जाच मे यह पाया गया कि 9शौचालयों का भुगतान एक ही नंबर 99 अलग अलग महीने में लगाया गया और 12/9/2016 को एम आई एस किया गया है सरपंच ने अपने बयान में बताया कि संबंधित लिपिक गोपाल साहू और उनके सहयोगी श्रवण कुमार साहू ने 21/6/17 को सरपंच के घर में जाकर 9 शौचालयों की सामग्री की राशि 90 हजार रूपये नगद देने की बात कह कर एक बयान बनाया और फिर उसमें सरपंच के हस्ताक्षर करा लिए

जाच प्रतिवेदन के प्रस्तुत निष्कर्ष मे यह एक सोची समझी तरकीब के तहत शासकीय राशि के आहरण का मामला है इसलिए इसमे मुख्य रूप से दोषियों लिपिक एवं आयुश फलाई ऐश ब्रिक्स के संचालक अजय कुमार साहू से 90हजार रुपये की वसूली किया जाना उचित होगा यह उच्च अधिकारियों को धोखे में रखकर किया गया एक जालसाजी का प्रकरण भी है इसलिए इसके लिए दोषी लिपिक और फर्म संचालक के विरुद्ध पुलिस प्रकरण दर्ज कराया जाना उचित होगा।

इस जाच के पशचात कार्यालय जिला पंचायत कोरिया बैकुंठपुर मुख्य कार्य पालन अधिकारी जिला पंचायत कोरिया के पत्र  क्रमांक  7940 दिनांक 23/03/2018 से  मुख्य कार्य पालन अधिकारी जनपद पंचायत खडगवा के मन्नू लाल वर्मा को ग्राम पंचायत भरदा के शौचालय भुगतान मामले में दोषी लिपिक और फर्म संचालक अजय कुमार साहू पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश कलेक्टर कोरिया के द्रारा दिया गया था जिसके तहत उक्त प्रकरण दर्ज कराकर इस कार्यालय को3 दिवस के भीतर सूचित करें।

जिस पत्र के संदर्भ में खडगवा कार्यालय जनपद पंचायत खडगवा  के द्रारा जिला कोरिया के पत्र क्रमांक/9036 दिनांक 7/4/2018 के तहत मुख्य कार्य पालन अधिकारी जनपद पंचायत खडगवा के द्रारा तत्कालीन कोरिया कलेक्टर के निर्देशो का पालन करते हुए थाना प्रभारी खडगवा को संलग्न पृष्ठ क्रमांक 1 से 58 पृष्ठ तक का अभिलेख प्रदाय कर अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी जो आज दिनांक तक खडगवा थाने में दर्ज ही नहीं हुई  और उसकी पावती भी खडगवा थाना प्रभारी के सील से दिया गयाऔर आज दिनांक तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही किया गया है।

जब इस प्रकरण के संबंध में थाना खडगवा से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी चाही तो खडगवा थाने से लिखित मे जवाब थाना खडगवा के अभिलेखों का अवलोकन किया गया उक्त संबंध में किसी प्रकार का अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है जबकि दिनांक 7/4/2018 को थाना प्रभारी खडगवा के द्रारा सील लगाकर पावती भी प्रदान किया गया है उसके बाद भी कोरिया कलेक्टर के निर्देशों के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही का ना होना प्रशासकों के आदेश निर्देशो पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है।

जबकि अपराध का किया जाना भी प्रमाणित हो रहा है और थाना खडगवा से रिपोर्ट कि पावती देने के बाद खडगवा थाने से  प्रकरण का गायब हो जाना थाना खडगवा भी इन भ्रष्टाचारीयों को बचाने में लगा है  संचालक पैसे वाला होने और ऊची पहुंच रखने वाला होने के कारण भी खडगवा पुलिस कार्य वाही करने से पीछे हट रही है?

इस संबंध में आयुश फ्लाई ऐश ब्रिक्स  फर्म के संचालक अजय साहू से शौचालय में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में पूछने पर उन्होंने ने कहा कि मुझे किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है