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मोदी सरकार अन्नदाता के हितों के लिए समर्पित है - शिव वर्मा

मोदी सरकार अन्नदाता के हितों के लिए समर्पित है  - शिव वर्मा

 राजनांदगांव, 11 जनवरी। नगर निगम पूर्व सभापति पार्षद शिव वर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अन्नदाता के हितों के लिए समर्पित है उन्होंने कहा कि इन दिनों किसानों के नाम पर कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसान बिल पर राजनीति कर किसानों को भ्रमित कर रहे हैं। वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के एक पैली धान और ₹1 लेने से किसान का भला नहीं होने वाला है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक और क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं। केंद्र सरकार ने जिन तीन नए कृषक हितेषी कानून बनाए हैं वास्तव में हम किसानों की वास्तविक आजादी का घोषणा पत्र है। एक कानून हमें ना केवल बिचौलियों से आजादी देने वाले है अपितु परिवहन और भंडारण आधे को प्रतिबंधित करने वाले अनेक जकड़नों से भी हमें मुक्त करेंगे हमें अपनी उपज का अधिका दाम और उसका समय से भुगतान सुनिश्चित करने वाले हैं। याद कीजिए छत्तीसगढ़ में किस तरह कांग्रेस सरकार ने पिछले वर्ष पुराने कानूनों के बहाने अन्नदाताओं को प्रताड़ित किया उन पर मुकदमे हुए। जेल भेजा गया ट्रैक्टर आदि जब तक ठीक है। अभी तक पिछली सरकार का पूरा भुगतान नहीं हुआ है और नए कानूनों के बाद कांग्रेश अब चाह कर भी आपको परेशान नहीं कर पाएगा। फसल की पूरी कीमत 72 घंटे में देने बाध्य होंगे। इसी बौखलाहट में किसान विरोधी लोग झूठ और दुष्प्रचार की खेती कर रहे हैं।हमें इनके बहकावे में ना आकर भ्रमों का निवारण कर इन कानूनों के सच को समझना होगा।

 आपसे निवेदन है कि किसी भी बहकावे में आए बिना तथ्यों के आधार पर चिंतन मनन कर सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के मंत्र पर चलने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का साथ देकर आत्म निर्भर किसान आत्म निर्भर भारत बनाने की दिशा में एक कदम बढ़ाएंगे। एमएसपी, जारी रहेगा एपीएमसी मंडिया कायम रहेगी परिस्थितियां चाहे जो भी हो किसानों की जमीन सुरक्षित है । किसानों का भुगतान तय समय सीमा के भीतर करना होगा अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी और जुर्माना लगेगा। उन्होंने कहा कि दो दशकों तक विचार-विमर्श हुआ साल 2000  में शंकरलाल गुरु कमेटी से इसकी शुरुआत हुई थी उसके बाद 2003 में मंडल एपीएमसीएक्ट 2007 के एपीएमसी 2010 में हरियाणा पंजाब बिहार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की समिति 2013 में 10 राज्यों के कृषि मंत्रियों की संरतुति, 2017 का मॉडल ए पी एल एम एक्ट और आखिर कर 2020 में संसद द्वारा इन कानून को मंजूरी दी गई जो किसान हित में है। भाजपा हमेशा किसानों के हित में चाहे राज्य सरकार में हो या केंद्र मैं किसानों के साथ उनके हितों के लिए हमेशा तत्पर रहा है जो सरकार किसानों को बारदाना उपलब्ध नहीं करा सकता वह सरकार क्या किसानों का भला करेगा ।