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बलिया की घटना से भाजपा बैकफुट पर : अपराधी बेखौफ वारदात को अंजाम देते है और पुलिस प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता

बलिया की घटना से भाजपा बैकफुट पर :  अपराधी बेखौफ वारदात को अंजाम देते है और पुलिस प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता

लखनऊ।   उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरने वाले विपक्ष को बलिया के रेवती क्षेत्र में पिछले गुरूवार को हुयी गोलीबारी की घटना ने हमला करने का एक और मौका दे दिया है वहीं आरोपी की पैरवी कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की किरकिरी कराने वाले विधायक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना प्रबल हो गयी है।

पार्टी के एक स्थानीय नेता और बैरिया के विधायक सुरेन्द्र सिंह के करीबी धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर दुर्जनपुर गांव में हुये विवाद में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के सामने एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गंभीर रूख अपनाते हुये एक क्षेत्राधिकारी और एसडीएम को निलंबित कर दिया था। बाद में आरोपी की पैरवी करने भाजपा विधायक खुद ही मैदान पर उतर आये और विपक्ष के उन आरोपों को सही साबित कर दिया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में अपराधी बेखौफ वारदात को अंजाम देते है और पुलिस प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

हत्या के आरोपी के पक्ष में खुलकर बयान देने वाले विधायक को रविवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने तलब किया था और अनर्गल बयानबाजी से बचने की चेतावनी दी थी। इस बीच सोमवार को पार्टी अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा ने भी बलिया की घटना और आरोपी के पक्ष में पार्टी विधायक के बयान पर गंभीर रूख अपनाते हुये श्री स्वतंत्रदेव सिंह से फोन पर बात की और कहा कि वह सुरेन्द्र सिंह को चेतावनी दें कि यदि उन्होने आरोपी की तरफदारी करने की कोशिश की तो ठीक नहीं होगा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि आमतौर पर शांत स्वाभाव के श्री नड्डा विधायक सुरेन्द्र सिंह की हरकतों से खासे नाराज नजर आ रहे थे। उन्होंने साफ लहजे में कहा है कि पार्टी विधायक की ऐसी हरकतें बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। विधायक को आरोपी के खिलाफ जारी जांच से दूर रहना होगा और अगर उन्होने दोबारा आरोपी के पक्ष में बोलने अथवा जांच को प्रभावित करने की कोशिश की तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान बलिया की महिलाओं से बातचीत के दौरान मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हे भी अब बलिया के नाम से डर लगाता है।

इस बीच बलिया की घटना को लेकर कांग्रेस,समाजवादी पार्टी (सपा) लगातार सरकार पर हमले कर रहे है। इसी कड़ी मेें सपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को लखनऊ में प्रदर्शन किया और कैसरबाग जिला कार्यालय डीसीपी गोपाल चौधरी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

गौरतलब है कि रविवार को पार्टी के प्रदेश दफ्तर में श्री स्वतंत्रदेव से मुलाकात के दौरान सुरेंद्र सिंह ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की थी और कहा था कि उन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।

इससे पहले श्री सुरेन्द्र सिंह शनिवार को हत्यारे धीरेंद्र प्रताप सिंह के परिवार के साथ दूसरे पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने पहुंचे थे। उनका दलील थी कि दूसरे पक्ष ने धीरेन्द्र के परिजनो पर हमला किया और आत्मरक्षार्थ गोलीबारी में जयप्रकाश पाल की मृत्यु हो गयी।

गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को रेवती क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में राशन दुकान के आवंटन की प्रक्रिया चल रही थी कि कोटे की दुकान के चयन को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गयी। इस बीच धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली से जयप्रकाश पाल (45) की मौत हो गई। धीरेंद्र को पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने रविवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया था और आज उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।