मार्केट बंद, फिर भी बेजह घर से निकल रहे लोग, किराना समान के दरों में भी हुई वृद्धि, सेनेटाइजर, मास्क बाजार से गायब, पुलिस, स्वास्थ्य अमला के कार्य सराहनीय

मार्केट बंद, फिर भी बेजह घर से निकल रहे लोग, किराना समान के दरों में भी हुई वृद्धि, सेनेटाइजर, मास्क बाजार से गायब, पुलिस, स्वास्थ्य अमला के कार्य सराहनीय


चंद्र प्रकाश साहू

सूरजपुर, 25 मार्च। आज बाजार गया था देखने की बाजार की स्थिति क्या है। साथ ही घर के लिये कुछ दवाई और सब्जी भी लाना था। बाजार में कुछ लोग कोरोना को लेकर सीरियस है तो कुछ लोग ऐसे भी है जिनको फिक्र नही है।कुछ लड़कियों को देखा एक स्कूटी में 3 लोग घूम रहे थे। ऐसे कई युवा भी थे जो अपने दोस्तों के साथ घूम रहे थे बे फिजूल, जबकि हमारी सरकार इस महामारी से बचने के लिए लोगो डिस्टेंस बढ़ाने के लिए आग्रह की हुई है।

बाजार  के ज्यादातर दुकान बंद है। इस बीच मै मानपुर के एक शासकीय राशन दुकान में देखा कि लोगों की भीड़ लगी हुई है। भीड़ होने के कारण लोग एक दूसरे को टच कर रहें थे। जबकि सरकार ने आदेश जारी कर राशन की दुकान दारों से अपील की है कि दुकान में भीड़ ना लगाए जिसके बाद भी लोग भीड़ लगाएं हुए है जो चिंता जनक है। ऐसे गावों के ना जाने कितने राशन दुकानों में भीड़ होगी। हमने निजी किराने की दुकान में गए जहां हमें कुछ जरूरी सामान खरीदनी थी। हमने देखा कि दुकानदार 

ऊंचे कीमतों में समान की बिक्री कर रहें थे। हमने उनसे पूछा कि दर क्यों बढ़ी हुई है कहने लगे ऊपर से सामान महंगा आ रहा है। जो एक चिंता का विषय है। दुकानदारों के पास लम्बी लिस्ट थी राशन निकलवाने के लिए लोग ना जाने क्या सोच रहे है। जबकि राशन की दुकान हमेशा ही खुली रहेगी। मेडिकल दुकानों गए सोचा कि एक हैंडवास ले लेते है अब उपयोग ज्यादा होनी लगी है तो घर पर खत्म हो गया था।

बाजार से भी हैंड वास नही मिला ना ही सेनेटाइजर मिला, मास्क भी नही मिला हमने मेडिकल दुकानदारों से कहा एकात देखिये कहने लगे है। सेनेटाइजर तो है किंतु रेट काफी महंगा आया है। हमें मंगवाने का भी मन नही था क्या कीजियेगा लोगों की डिमांड कुछ ज्यादा जो है मंगवाना पड़ रहा है। जबकि ड्रग स्पेक्टर को मेडीकल दुकानों में जांच करते रहना चाहिए था। प्रशासन की टीम सब कुछ नही कर सकती है। 

हमने देखा पुलिस कर्मियों को जिनका कार्य देख कर उन्हें सलाम करने का मन होता है। पुलिस कर्मी लोगो को समझाइस दे रहे थे। पुलिस के चेहरे पर मास्क भी नही था। अपने और परिवार की जान जोखिम में डाल कर हमारे लिये कार्य कर रहें है। स्वास्थ्य कर्मी, विद्युत विभाग की टीम जो हमारे लिए जान जोखिम में डाल कर कार्य कर रहें है। आगे देखा कि कुछ लोग आपस मे बात कर रहे थे। बाईक से थे। पुलिस किस रॉड में है उस सड़क से नही जाना है फलना सड़क से चलेंगे। हम इतने लापरवाह कैसे हो सकते है। हम घरों से बाहर निकल कर क्यों अपना और अपने परीजन, दोस्तो के जान जोखिम में डाल रहे है। 

दुकानदारों को लोगो के साथ खड़े रहना चाहिए था किंतु काला बाजारी कर रहें है सामान को ऊंचे दामों में बेच रहे है। इन्हें शर्म आनी चाहिए इस पैसे का क्या करेंगे आप..? कुछ जनप्रतिनिधियों का फ़ोन आया था कह रहे थे कि अस्पतालों में मास्क, तक उपलब्ध नही है आखिर ये मास्क कहा गए। कुछ लोग तो यहां तक कह रहे थे। मास्क और शासकीय सेनेटाइजर को अपने करीबी रसूखदार लोगो दे दिया गया है। ऐसा हुआ है तो सरासर गलत है।

सभी कोई घरों पर रहे। 21 दिनों की बात है। हम घरों पर रह कर इस महामारी को दूर भगा सकते है। सरकार के आदेश का पालन करें, प्रशासन का सहयोग करें। जिले के पुलिस कप्तान, जिले के डीएम सड़कों पर उतर कर लोगो को समझाइस दे रहें है। दुकानों को बंद करवा रहे है। हम सभी मिल कर जिला को बंद रखें, जिला के सीमा सील कर दी गई है। कोई भी आने जाने को ना सोचे, जहां है वहीं रहें अपना ख्याल रखें,हां औऱ कुछ लोगों को कोरोना वायरस का संदिग्ध बताया गया है उनका नाम, पहचान सार्वजनिक ना करें, हमारा प्रदेश इस वक्त सुरक्षित है। पूरे छत्तीसगढ़ में एक ही मरीज में संक्रमण पाया गया है। सभी कोई अपना ख्याल रखें... 

 प्रशासन से सवाल है... 

आखिर पूरे जिले को बंद करवा दिया गया है। सारे कार्य बंद है। फिर नरेगा को चालू क्यों रखा गया है। ग्रामीण उतने जागरूक नही होते है। एक दूसरे को टच करेंगे ही..सरकार नरेगा से चल रहें सभी कार्य को भी बंद करवाएं.कुछ दीहाड़ी मजदूर मध्यप्रदेश से वापस आये है। दरअसल ये चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। यहां से मध्यप्रदेश, और UP की सीमा लगी हुई है। कितने लोग वहां से आये है। वर्तमान में कहा है। क्या उन्हें किसी तरह लक्षण है। तत्काल संज्ञान में लेकर देख रेख करते रहे।