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छोटे डोंगर पुलिस की समझाइश के बाद घर लौटे आंदोलनरत ग्रामीण

छोटे डोंगर पुलिस की समझाइश के बाद घर लौटे आंदोलनरत ग्रामीण

नारायणपुर- छोटेडोंगर ईरपानार के चार ग्रामीणों को रिहा करने की मांग को लेकर 40 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने 17 फरवरी बुधवार से छोटेडोंगर बड़गांव में डेरा डाल दिया था। छोटेडोंगर पुलिस पिछले तीन दिनों से आंदोलनरत ग्रामीणों को समझाने की कोशिश कर रही थी।

शुक्रवार को एक बार फिर छोटेडोंगर एसडीओपी अर्जुन कुर्रे, टीआई मनोज सिंग, बड़गांव पहुंचे और ग्रामीणों से लगभग एक घंटे तक चर्चा हुई जिसके बाद ग्रामीण आंदोलन समाप्त करने के लिए सहमत हुए। इसके बाद आंदोलन रत ग्रामीण छोटेडोंगर थाने पहुंचे । 

छोटेडोंगर पुलिस थाने के सामने हजारों की संख्या में ग्रामीणो ने एसडीओपी अर्जुन कुर्रे से कहा कि हम आंदोलन तभी समाप्त करेंगे जब आप के द्वारा आश्वशन दिया जायेगा कि हमारे गांव में जब भी पुलिस सर्चिंग में आए तो बेवजह ग्रामीणों को परेशान नहीं किया जायेगा।इसके बाद टीआई मनोज सिंग ने ग्रामीणों को लिखित  दिया  कि उनके जवानों द्वारा किसी भी बेगुनाह ग्रामीण से मारपीट व परेशान नहीं किया जायेगा।जाते जाते ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर फिर कभी पुलिस गांव में सर्चिंग के दौरान किसी ग्रामीण को बेवजह परेशान करेगी तो हम उग्र आंदोलन कर चक्काजाम कर देंगे। 

पुलिस और आंदोलन रत ग्रामीणों के बिच एक घंटे की चर्चा के बाद ग्रामीण नारे लगाते हुए अपने गृह ग्राम लौट गए।वहीं गुरुवार  रात को छोटेडोंगर के आसपास के इलाकों में बारिश हो रही थी जिससे  खुले आसमान के निचे आंदोलन में बैठे हजारों ग्रामीणों को  कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की तक़लिफों को देखते हुए छोटेडोंगर एसडीओपी वह थाना प्रभारी बड़गांव पहुंचे और ग्रामीणों को अपने घर वापस लौटने की समझाइश दी।जिसके बाद ग्रामीण अपने गृहग्राम लौट गए।

आंदोलनरत ग्रामीण बोले सर आप तो अच्छे हैं,छोटेडोंगर थाने के सामने ग्रामीणों और पुलिस के बिच एक घंटे तक बातचीत हुई। ग्रामीणों ने एसडीओपी से कहा कि सर आप तो बहुत अच्छे हैं हमारी तक़लिफों को समझते हैं मगर गांव में सर्चिंग में आने वाले जवान हमारे साथ बेवजह मारपीट कर हमें पकड़ लेते हैं।