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मानव गुरु चंद्रशेखर गुरुजी: आशा की एक दिव्य किरण

मानव गुरु  चंद्रशेखर गुरुजी: आशा की एक दिव्य किरण

मानव गुरु  चंद्रशेखर गुरुजी एक नेक दिल और परोपकारी/समाजसेवी व्यक्ति हैं जिन्होंने वैज्ञानिक विश्लेषण द्वारा समर्थित अपने दिव्य ज्ञान के माध्यम से वर्ष 2000 से लोगों के जीवन में सुधार लाया है। मानव गुरु जब पहले स्वयं विश्व शक्ति के संपर्क में आए तो उन्हें दिव्य ज्ञान की प्राप्ती हुई और फिर इस दिव्य ज्ञान को लोगों तक पहूंचाकर उनके जीवन से जुडी समस्याओं से बाहर निकालने के लिए आगे चलकर उन्होंने सी जी परिवार संस्था की स्थापना की।

इस संस्था के माध्यम से मानव गुरुने पिछले 21 वर्षों में एक करोड से अधिक परिवारों को उनके जीवन से संबंधित समस्याओं को जैसे शिक्षा, करियर, विवाह, रिश्ते, संपत्ती, स्वास्थ्य आदि हल करने में मदद की है। आज इस नेक कार्य में मानव गुरु के साथ उनके लाखो अनुयायी भी जुड गए है, और उनका हाथ बटा रहे है। 

 मानव गुरु ने इस दिव्य ज्ञान और विश्व शक्ति का उपयोग कैंसर जैसी गंभीर बिमारीयों का इलाज करने के लिए कैसे किया जा सकता है इस पर गहरा चिंतन किया और ‘सेल्फ इम्यून थेरेपी’ (स्व-रोग प्रतिरक्षा चिकित्सा पद्धती) की खोज की, जो प्राकृतिक तरीकों से कैंसर का इलाज करने में मदद करती है। यह पद्धती पूरी तरह से प्राकृतिक है। इस पद्धती में रोगियों को एक व्यक्तिगत/विशेष सत्र में विश्व शक्ति के साथ संपर्क में आने के लिए सिखाया जाता है, जो उन्हें अपने उपचार के दरम्यान समग्र रूप से समर्थन देने के लिए अधिक ताकत देता है।

 तीन घंटे के ज्ञानवर्धक सत्र के दौरान, मानव गुरु रोगी को विश्व शक्ति के संपर्क में कैसे आना है इसका मार्गदर्शन देकर उनकी मदद करते है। एक बार जब वे विश्व शक्ति के संपर्क में आते हैं, तो विश्व शक्ति भोजन को उर्जा में परिवर्तित कर इस उर्जा और ऑक्सजिन को रक्त के माध्यम से टी-कोशिकाओं (T Cells – जो कैंसर कोशिकाओं से लढती है) तक पुहँचाती है। जिससे यह कोशिकाएं कैंसर कोशिकाओं से लड़ने के लिए अधिक शक्तिशाली हो जाती हैं। अब तक मानव गुरु की सेल्फ इम्यून थेरेपी से कैंसर के सैकड़ों मरीज लाभ ले चुके हैं।

लोगों को इस विशिष्ट शक्ति का उपयोग करने के तरीके सिखाने के लिए उन्होंने अपनी ऊर्जा केंद्रित की है, आज गुरुजी के 1000 से अधिक शिष्य हैं जो उनके उद्देश्य के लिए काम कर रहे हैं। जिन्होंने सी जी परिवार के लिए अपना जीवन समर्पित किया है और गुरुजी द्वारा बडे पैमानो पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान करके दूसरों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सी जी परिवार के सानिध्य में गुरुजी ने लोगों को विश्व शक्ति के साथ संपर्क में कैसे आना है, इसके बारे में मार्गदर्शन देने के लिए मुंबई और बेंगलुरु इन स्थानों पर 10 से अधिक सेमिनार और कार्यक्रम आयोजित किए हैं। साथ ही मानव गुरु द्वारा आज तक विभिन्न विषयों पर 2000 से अधिक व्याख्यान, सेमिनार और कार्यशालाएं ली गई हैं।

बडे पैमाने पर आयोजित कार्यक्रमों में जीवन समस्या मुक्त ग्राम, शिक्षण समस्या मुक्त ग्राम, सामूहिक विवाह, किसान आत्महत्या की रोकथाम शामिल हैं। जीवन समस्या मुक्त ग्राम अभियान के तहत मानव गुरु ने 2015 में कर्नाटक के बेलगावी जिले के गोदाची गांव को गोद लिया था और तब से यह गांव व्यापक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन से गुजरा है। लगभग 640 परिवारों को गुरुजी द्वारा मार्गदर्शन दिया गया था और आज यह गांव बेहतर नौकरियों के साथ-साथ व्यापार के अवसरों, समृद्ध खेती और शांतिपूर्ण जीवन का अनुभव कर रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए शैक्षिक अवसरों की कमी को समझते हुए, मानव गुरु ने 2018 में शिक्षण समस्या मुक्त ग्राम अभियान की शुरुवात की। अब, सी जी परिवार कर्नाटक के धारवाड़ जिले में कलघटगी तालुका के बी शिगीगट्टी गांव में केजी से 10 वी तक शिक्षा प्रदान करता है। बच्चों को सामान्य ज्ञान के साथ-साथ गुरुजी का दिव्य ज्ञान भी दिया जाता है।

कई वर्षों से विशेष रूप से महाराष्ट्र राज्य में किसानों की आत्महत्या की दर तेजी से बढ़ी है। इसको ध्यान में रखते हुए पूरे महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों के किसानों तक पहुँचने के लिए बड़े पैमाने पर  कार्यक्रम किए जाते हैं।

सामूहिक विवाह पहल के तहत, मानव गुरु समाज के वंचित वर्गों के जोड़ों को आशीर्वाद और मार्गदर्शन दे रहे हैं ताकि वे सुखी और शांतिपूर्ण जीवन जी सकें।

लोगों को उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन करने के एकमात्र उद्देश्य के साथ, गुरुजी इस दुनिया में हर परिवार को एक महान सेवा प्रदान करने के लिए तत्पर रहते हैं। उनके सभी अनुयायी उन्हें एक अनुकरणीय इंसान के रूप में देखते हैं क्योंकि मानव गुरु ने ही उन्हें सादगी, विनम्रता, दान और भक्ति का मार्ग दिखाया है।

 कैंसर रोगी के अनुभव: 

1)     मंजूनाथ, बीएसएफ सैनिक, हावेरी। 

"मैंने अपने कैंसर को मानव गुरु के मार्गदर्शन और स्व-प्रतिरक्षा चिकित्सा पद्धती से हराया। अब, मैं गर्व से कहता हूं कि यह मेरे लिए सबसे अच्छा निर्णय था" 

2)     मंजुला, शिक्षक, तुमकुरु 

"मैंने अपने कैंसर को मानव गुरु द्वारा बताई गयी स्व-प्रतिरक्षा चिकित्सा पद्धती से ठीक किया" 

3)     और अनुभव पढें