मुस्लिमों की मृत्यु दर में असामान्य बढ़ोतरी, अप्रैल के पहले छह दिनों में 127 को दफन

मुस्लिमों की  मृत्यु दर में असामान्य बढ़ोतरी, अप्रैल के पहले छह दिनों में 127 को दफन


इंदौर।  कोरोना वायरस से लड़ने के सि​लसिले में एक और सिरदर्द उभकर आ गया है।  इंदौर शहर में  इस समय मुस्लिमों की  मृत्यु दर में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चार कब्रिस्तानों में मार्च महीने में दफनाए गए 130  लोगों की तुलना में यहां अप्रैल के पहले छह दिनों में 127 को दफन किया गया। 

अधिकारीयों का  कहना है कि मृत्युदर का यह सिलसिला पिछले एक-दो सप्ताह से जारी है।  बीते गुरुवार को शहर के चार कब्रिस्तानों में 21 लोगों को दफनाया गया।  अकेले महू नाका के कब्रिस्तान में 1 से 9 अप्रैल तक के 64 लोगों को दफनाया गया है, जिनमें गुरुवार को 11 शामिल हैं।  खजराना स्थित कब्रिस्तान में महीने के पहले नौ दिनों के अंदर 34 मुर्दे दफनाए गए हैं, जिनमें से एक गुरुवार को दफ्न किया गया।  इस अवधि में सिरपुर में 29 दफनाए गए।  यहां गुरुवार को तीन लोगों को दफनाया गया था।  लुनियापुरा में नौ दिनों में 56 लोगों को दफनाया गया।  इनमें छह लोगों को गुरुवार को दफनाया गया था।  

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन चार कब्रिस्तानों में मार्च महीने में दफनाए गए 130  लोगों की तुलना में यहां अप्रैल के पहले छह दिनों में 127 को दफन किया गया। 

बुजुर्ग महिला मुमताज की मौत 7 अप्रैल को हो गई. उनके बेटे मोहम्मद इकराम ने बताया कि मेरी मां को सीने की बीमारी थी और तीन अस्पतालों ने उनका इलाज करने से मना कर दिया इसके बाद महाराजा यशवंतराव के डॉक्टरों ने उन्हें निमोनिया बताया और उन्हें आईसीयू में दाखिल किया।  उनकी COVID-19 रिपोर्ट निगेटिव थी।  पिता की चार महीने पहले हुई मृत्यु के बाद से वह शोक संतप्त थी और वह किसी से मिलती जुलती नहीं थीं। 

chandra shekhar