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हथकरघा बोर्ड के सात संचालकों ने दिया इस्तीफा, चेयरमैन मोतीलाल देवांगन पर मनमानी फैसले तथा भ्रष्टाचार करने का आरोप, अध्यक्ष को हटाने की अटकलें

हथकरघा बोर्ड के सात संचालकों ने दिया इस्तीफा, चेयरमैन मोतीलाल देवांगन पर मनमानी फैसले तथा भ्रष्टाचार करने का आरोप, अध्यक्ष को हटाने की अटकलें

जनधारा समाचार
रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा मर्यादित संघ में उठे विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। हथकरघा संघ के चेयरमैन मोतीलाल देवांगन पर मनमानी करने एवं बोर्ड की बैठक बुलाए बगैर करोड़ों रुपए के कामकाज अवैध रूप से संचालित का आरोप लगाते हुए बोर्ड के सात डायरेक्टरों ने छत्तीसगढ़ के पंजीयक को सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है.


इस्तीफा देने से पहले संघ ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से संघ में चल रही अनियमितता की शिकायत करते हुए शपथ पत्र देकर इस्तीफा सौंपा था लेकिन अब संचालक पंजीयक हिमशिखर गुप्ता को सामूहिक रूप से शपथ पत्र देकर इस्तीफा सौंपा गया है. बोर्ड में शामिल डायरेक्टर धनजी देवांगन, जीतराम देवांगन, महेंद्र देवांगन, मोतीलाल देवांगन जूनियर, मेला बाई, लक्ष्मण देवांगन ने सामूहिक रूप से शपथ पत्र में मोतीलाल देवांगन चेयरमैन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसकी एक प्रति मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजीयक कार्यालय को दी गई है।

अध्यक्ष मोतीलाल देवांगन के खिलाफ मोर्चा
आज बोर्ड के सातों डायरेक्टर ने एक निजी होटल में प्रेसवार्ता लेकर हथकरघा संघ के चेयरमैन मोतीलाल देवांगन पर आरोप लगाते हुए बड़े खुलासे किए हैं। संचालक मंडल का आरोप है कि अध्यक्ष मोतीलाल देवांगन अपने पद और अधिकार का दुरुपयोग कर दबाव बनाकर कोरे कागज में हस्ताक्षर करवा कर रखे हुए हैं। इसके माध्यम से संचालक सदस्यों से अनुमति लिए बगैर अलग-अलग जगहों पर फर्जी शिकायत करते हैं। वहीं अध्यक्ष मोतीलाल ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश के बुनकर समितियों की भलाई के लिए कोई कार्य नहीं करने का भी आरोप लगाया है। इतना ही नहीं स्वयं की स्वार्थपूर्ति के लिए संघ का उपयोग किया जा रहा है। सदस्यों और बुनकरों को परेशान करने की मंशा से औचित्यहीन आदेश जारी करवाते हैं, जिससे प्रदेश के बुनकर समितियों में आक्रोश है।

अध्यक्ष पर परिवारवाद चलाने का आरोप
संचालक मंडल के सदस्य धनजी देवांगन ने बताया कि अध्यक्ष मोतीलाल देवांगन अपने घर के बेटे-बेटियों को संचालक मंडल का सदस्य निर्वाचित करवाए हैं। इसके माध्यम से दूसरे संचालक सदस्यों पर दबाव डालने का काम करते हैं। इतना ही नहीं मोतीलाल देवांगन ने 10 महीनों से संचालक मंडल की एक भी बैठक नहीं बुलाई। जबकि नियम के अनुसार प्रत्येक 3 माह में संचालक मंडल के सदस्यों की बैठक अनिवार्य रूप से बुलाई जानी चाहिए. उनके बेटे शिल्पराज देवांगन संचालक सदस्य होने के बाद भी संघ के नियमों के विपरीत जाकर दुकान चला रहे हैं। इस कारण से संचालक सदस्य ने इस्तीफा सौंपा हैं।

व्यथा बताते हुए रो पड़ी महिला सदस्य
संचालक सदस्य महेंद्र देवांगन ने बताया कि हथकरघा संघ के अध्यक्ष ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव डालकर काम करवाना चाहते हैं, इसका विरोध करने पर झूठी शिकायत कर धरना-प्रदर्शन के माध्यम से परेशान करने का काम करते रहे हैं। साथ ही अध्यक्ष मोतीलाल देवांगन के 4 वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश के बुनकर समितियों के हित में कोई कार्य नहीं किया है। मेला बाई संचालक सदस्य ने रो रो कर अपनी व्यथा बतायी कि मै ज्यादा पढ़ी लिखी नही हूं और चेयरमेन मोतीलाल देवांगन ने दबाव डालकर कोरे काजग में कई बार हस्ताक्षर करवाएं हैं. इसी का फायदा उठाकर संघ के अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ गलत ढंग शिकायत करते रहे हैं.

गौरतलब है कि हाथकरघा संघ में तेरह संचालक सदस्य हैं जिनमें से पूर्व में एक संचालक सदस्य की कोरोना से मौत हो जाने की वजह से बारह हो गये हैं| इसी बीच संघ में विवाद बढ़ने पर सात और संचालक सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफ़ा दे दिया है. इस कारण से चेयरमेन मोतीलाल देवांगन अल्पमत में आ गये हैं जिस कारण से सरकार कभी भी उन्हें पद से हटा सकती है.