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सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव का परिणाम बदलने में कामयाब रहे कवासी लखमा : संजय सोढ़ी

सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव का परिणाम बदलने में कामयाब रहे कवासी लखमा  : संजय सोढ़ी

सुजीत वैदिक सुकमा

सुकमा। कोंटा नगर पंचायत चुनाव में कोंटा वासियों के जनादेश का मैं स्वागत करता हूँ, पर कोंटा नगर पंचायत चुनाव में सत्ता पक्ष का दुरुपयोग करना व कर्मचारियों व व्यापारियों को डराना-धमकाना सरासर गलत है, सत्ता का दुरुपयोग से चुनाव का परिणाम का स्वरूप को बदलने में कवासी लखमा  कामयाब  रहे, कोंटा चुनाव में सत्ता का गलत इस्तेमाल कर जनता का करोड़ों रुपए फूंक कर मंत्री  चुनाव तो जीत गए पर आने वाले 2023 के विधानसभा चुनाव में कोंटा, बस्तर व सम्पूर्ण छःग की जनता कांग्रेस को नकारेगी, क्योंकि विकास के नाम पर ठप है कांग्रेस की सरकार, कमीशनखोरी, माफियागिरी, अवैध खनन जैसे मामलों में आवल नंबर वन पर है भूपेश सरकार,

कर्मचारियों व ठेकेदारों के ऊपर सवाल करते हुए सोढ़ी ने कहा उन लोगों को भी आगाह कर देना चाहता हूँ जो कर्मचारी के रूप में अपनी सेवा दे रहे है। कोंटा चुनाव के दौरान कुछ कर्मचारी द्वारा खुलेआम कांग्रेस के पक्ष में कार्य किया गया जो कि ठीक नही है, कर्मचारी व ठेकेदार जान ले कि सरकारें आएंगी व जाएंगी लेकिन आप किसी एक का बन कर न रहे, अन्यथा इस तरह के कृत्य के लिए फिर सामना करने को तैयार रहे।

बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को शिक्षा व विकास से जोड़ने का कार्य भाजपा सरकार ने की 

सोढ़ी ने आगे कहा की भाजपा की सरकार ने छः ग को विकसित करने का हर सम्भव प्रयास किया है, चाहें बस्तर के नक्सल प्रभावित जिलों को विकसित करने की बात हो भाजपा सरकार ने हर सम्भव प्रयास किया है और सरकार काफी हद तक सफल भी रही, बात हो शिक्षा जगत की तो आज सुकमा जिला हो  या दंतेवाड़ा जिला में एडुकेशन हब बनाकर छात्र-छात्राएं का भविष्य उज्जवल करने का कार्य भाजपा की सरकार ने की है, जिसके माध्यम से अंदरूनी क्षेत्र के ग्रामीण छात्र- छात्राएं को अपनी शिक्षा ग्रहण करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ और आज वही छात्र-छात्राएं अपनी सेवा ज़िला प्रशासन में दे रहे है व अन्य कोई छात्र छोटे-छोटे व्यपार व कोई उन्नतकृषि की ओर अग्रसर है और उस समय के तत्कालीन शिक्षा मंत्री मा. केदार कश्यप जी रहे जिनके निरन्तरप्रयास से ये सब सम्भव हो पाया और बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा व क्षेत्र को विकास की ओर ले जाने में अहम भूमिका केदार  की है ।

सलवा जुडूम व आदिवासी हितेषी की बात न करे मंत्री लखमा

 सोढ़ी ने सलवा जुडूम पर बात करते हुए कहा कि  मैं स्वयं सलवा जुडूम के समय कुछ तथाकथित लोगो द्वारा सलवा जुडूम का दुरुपयोग किये जाने का विरोध करता हूँ पर सलवा जुडूम अभियान क्षेत्र के मुल समस्या को मद्देनजर रखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व.महेन्द्र कर्मा जी की पहल को राज्य सरकार हो या क्षेत्र के अन्य दलों के नेताओं ने  समर्थन दिया था,  पर आज मंत्री कवासी लखमा जी बोलते हैं कि हमने सलवा जुडूम को खत्म किया है और सलवा जुडूम के नेताओं को चुनाव में हार दिया, मेरा मानना है कि आपने सलवा जुडूम को खत्म नही किया अपने ने क्षेत्र की मुल समस्या नक्सलवाद जैसे समस्याओं का संरक्षण देकर उन्हें मजबूत करने का काम किया है और आप बस्तर के आदिवासी हितेषी बनने का झूठा खेल खेल रहे हो और आप अपनी मौलिक अधिकार से भाग रहे है।।

आदिवासी हित की बड़ी-बड़ी  बात ,और न्याय के लिय तरस्ते सीलगेर वासी

सिलगेर मामले को 7 से 8 माह होने को है पर राज्य सरकार मुआवजा तो दूर की बात सिलगेर मामले की जांच करने से भाग रही है और बडी बडी आदिवासी हित की बात  दोहरा व्यवहार बदले  राज्य मंत्री साहब । मंत्री कवासी लखमा जी की चुप्पी भी कही सवालों को जन्म दे रही है*

सिलगेर मामला हो या झीरम कांड हो या बस्तर के अंदर सुरक्षा बल हो या नक्सल संगठन हो या बस्तर के आदिवासियों की हत्या की बात हो मा. मंत्री जी हमेशा चुप्पी साधे बैठे हैं, बस्तर का एक युवा होने के नाते मैं  मा.मंत्री जी का कड़ी निंदा करता हूँ।।