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भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों ने की प्रेस वार्ता, कांग्रेस सरकार पर जमकर साधा निशाना

भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों ने की प्रेस वार्ता, कांग्रेस सरकार पर जमकर साधा निशाना

दंतेवाड़ा, 22 दिसंबर। जिले में लगातार हो रहे मजदूरों के पलायन के संबंध में जिला पंचायत सदस्यों ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में मजदूरों का पलायन दुर्भाग्यपूर्ण है। बस्तर अंचल में पेसा कानून कि पांचवी अनुसूची लागू होने एवं पंचायती राज अधिनियम के अनुसार पंचायतों में सरपंच एवं ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई भी कार्य नहीं हो सकता। ऐसे में जनता द्वारा चुने गये ग्राम पंचायत व जनप्रतिनिधि पर कार्रवाई करने का अधिकार देश के संविधान ने किसी को नहीं दिया है। उन्हें जनता ने चुना है अधिकार भी  उन्हें ही दिया गया है।


जिला पंचायत अध्यक्ष किस नियम के तहत सरपंच पर कार्रवाई की बात करती हैं। जबकि स्वयं भी जनता द्वारा चुने हुये जनप्रतिनिधि है। इनके द्वारा भाजपा समर्थित सरपंच एवं पंचायतों से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इन पंचायतों में विकास कार्यों को बंद कर दिया गया है। साथ ही भाजपा शासनकाल में शुरू किये गये समस्त रोजगार मूलक कार्यों को बंद कर दिया गया है जिनमें बीपीओ कॉल सेंटर, शक्ति गारमेंट, लाइवलीहुड कॉलेज इन सभी चीजों को कांग्रेसी शासन काल में बंद कर दिया गया है। साथ ही हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से दुर्व्यवहार कर व उन्हें समय पर वेतन भुगतान न करने की वजह से विशेषज्ञ डॉक्टर नौकरी छोड़ कर चले गये है। 

आज जिले के मरीज हॉस्पिटल में डॉक्टर और दवाइयों के लिये भटक रहे हैं। भाजपा के शासन काल में पालनार ग्राम पंचायत में कैशलेस भुगतान की शुरुआत हुई थी। लेकिन कांग्रेस के शासनकाल में उसका बुरा हाल है। कांग्रेस के पार्षद चावल घोटाला में जेल में बंद है। बालुद में तीन किलो तक ज्यादा धान तौला जा रहा है जिससे किसान भाइयों को नुकसान हो रहा है। इनके घोषणापत्र में सरकार बनते ही चिटफंड कंपनियों से लोगों के पैसा वापस कराने के लिए कहा गया था लेकिन 2 साल बीतने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है । इस दौरान जिला पंचायत सदस्य रामु नेताम, मालती मुड़ामी, संगीता नेताम, व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।