1 करोड़ 10 लाख के फर्जीवाड़े में एसबीआई जिम्मेदार : पीएचई, चार दिन बाद भी ना थाने में रिपोर्ट नही, दोषियों को बचाने में लगा बैंक

1 करोड़ 10 लाख के फर्जीवाड़े में एसबीआई जिम्मेदार : पीएचई, चार दिन बाद भी ना थाने में रिपोर्ट नही, दोषियों को बचाने में लगा बैंक

संजय जैन

धमतरी. स्थानीय भारतीय स्टेट बैंक में हुए 1 करोड़ 10 लाख का फर्जीवाड़े में नया मोड़ आ गया है. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि इसमें पूरी गलती बैंक की है इसलिए उन्हें जांच करके दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए. जब एक बार इस चेक से भुगतान हो गया तो छह महीने बाद इसी चेक से दुबारा भुगतान कैसे हुआ! दूसरी ओर एसबीआई के अधिकारी चार दिन बीतने के बाद भी ना थाने में रिपोर्ट करा रहे हैं और ना ही इस पर अधिकृत रूप से कुछ बोलना चाहते.

इस मामले का खुलासा आज की जनधारा ने किया था कि धमतरी के भारतीय स्टेट बैंक से दो फर्जी चेक के आधार पर 1 करोड़ 10 लाख का आरटीजीएस कर दिया गया और रकम निकाल ली गई. घटना से एसबीआई की साख को धक्का पहुंचा है इसलिए विभाग में अंदर ही अंदर जांच चल रही है. बताया जाता है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एक माह पूर्व चेक क्रमांक 476441 दिनांक 7/8/2020 को खादी ग्रामोद्योग के नाम पर 88128 रूपए का चेक काटा गया था तथा दूसरा चेक क्रमांक 476442 दिनांक 13/8/2020 को 2643719 रूपए का घनश्याम अग्रवाल के नाम पर जारी किया गया था जिन्होंने उक्त चेक का भुगतान भी प्राप्त कर लिया है. दूसरी तरफ इन्ही दोनों चेक नम्बर को डालकर फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्ति ने 58 लाख एवं 52 लाख कुल 1 करोड़ 10 लाख रूपए का हेरा फेरी कर दिया.

इस संबंध में ब्रांच मैनेजर श्री राय से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है, अब जो फैसला होगा, उस पर आगे बढ़ेंगे. दूसरी ओर लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता एसआर सोनखुसरे ने कहा कि हमारी इसमें कोई गलती नही है, पूरी जवाबदारी बैंक की है.