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हिन्दू हमारा धर्मकोड, आदिवासियों ने छिंदगढ़ में की विशाल धर्मसभा

हिन्दू हमारा धर्मकोड, आदिवासियों ने छिंदगढ़ में की विशाल धर्मसभा


आदिवासी सदैव से हिन्दू ही रहा है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण प्राचीन काल में निर्मित देवी देवताओं की मूर्तियां हैं

सुकमा--हिन्दु धर्म के विभिन्न पन्थ गायत्री परिवार , दिव्य जीवन संघ , बाबा बिहारी दास राम भगत , सदगुरू योग विहंगम , अलक महिमा , कुमभूछिया आदि के अनुयाईयों के संगठन  ने आज छिंदगढ़ के मुसरिया माता मंदिर प्रांगण में हिन्दुधर्म के समर्थन में विशाल धर्मसभा का आयोजन किया !

जिसमें सभी धर्म प्रमुखों ने कहा कि आदिवासी का धर्म सनातन हिन्दु है , जनगणना में हमारा धर्म कोड हिन्दु ही लिखवाएगें अन्य कोड नही लिखवाएगें ।. आदिवासी हिन्दु नही हैं , रावण के वंशज राक्षस हैं , यह कथन गलत है हम इसको नही मानेगें ।


धार्मिक त्योहार पर्व एवं संस्कार हिन्दु धर्म से संबधिंत है उसे मानते रहेगें इससे ही हमारा सुधार एवं विकास संभव है , इसे कभी नही छोडेगें । हमारे भोले - भाले आदिवासी भाईयों को ईसाइयों के द्वारा प्रलोभन देकर धर्मान्तरण कराया जा रहा है इसका हमे विरोध करना है ।

हम अपने पंथ के गुरू का मार्गदर्शन को पालन करते हुए सभी पंथों को समान करते हुए सगठित हो कर भाईचारे के साथ कार्य करेगें ।तथा संपूर्ण बस्तर संभाग जिला स्तर पर जिला समन्वय समिति संगठित होगा जिसमें सभी पंथो के प्रमुख होगें ।

कमसेकम तीन माह में एक बैठक अनिवार्य जो जिला स्तर पर जिला समन्वय समिति का होगा जिसमें सभी पंथो के प्रमुख समिल होगें । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कार्यकम के अध्यक्ष स्वामी विशुद्धानंद सरस्वती दिव्य जीवन संघ शाखा गुमरगुंडा ने सभी उपस्थित लोगों से धर्म के सम्बंध में सीधे सवाल कर उनका जवाब भी दिया व सभी से कहा कि आदिवासी सिर्फ हिन्दू हैं और कुछ नहीं !


संघ शाखा के गोपाल नाग के जनगणना के आड़ में हिंदुओं को तोड़ने का कार्य जिस प्रकार आजादी के बाद हुआ है इस विषय मे अपनी बात कहीं,आलेख महिमा के अवदूत महाराज ने हल्बी में सभी को सम्बोधित किया व आने वाले जनगणना में अपना धर्मकोड हिन्दू लिखने हेतु अपील किया, आदिवासियों केहिन्दुधर्म  के समर्थम में विशाल धर्मसभा में आलेख महिमा के संत स्वामी विद्यानंद ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सभी को ईश्वर ने एक साथ बनाया है जो आदिकाल से निवास कर रहा है वो आदिवासी है हम सभी राम के वंशज हैं !

कार्यक्रम को विहिप अध्यक्ष लच्छुराम, धुरवा समाज के रामदेव,विहंगम सन्त समाज के प्रमुख सरगीन कवासी,प्रमोद अटामी जिला समन्वयक गायत्री समाज दंतेवाड़ा,गायत्री परिवार के सुकमा जिला ट्रष्टि आयताराम पोडियाम,सोनाधर मांझी विहिप जिला कार्यकारी अध्यक्ष व गायत्री प्रज्ञा पीठ छिंदगढ़  ने भी सम्बोधित किया साथ ही साथ अनेकों उदहारण भी दिए जिससे यह साबित होता है कि आदिवासी सदैव से हिन्दू ही रहा है !

जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण छतीसगढ़ में हिन्दू देवी देवताओं के मंदिर मूर्तियां जो गोंड राजाओं के कार्यकाल में निर्मित हुई थी,कार्यक्रम का संचालन विहिप विभाग मंत्री मुन्नाराम नाग एवं मठ मन्दिर प्रमुख सुखदेव नाग ने किय ,कार्यक्रम का मीडिया व्यवस्था गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी संजय सिंह भदौरिया ने किया

जबरन धर्म परिवर्तन कराने वाला व्यक्ति दण्डित होगा-अधिवक्ता दीपिका

धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए धर्मपरिवर्तन के विषय मे कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि तमिलनाडु और गुजरात जैसे विभिन्न अन्य राज्यों के साथ इसी तरह के कानून पारित हुए !

जिसने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 295 ए और 298 के तहत संज्ञेय अपराध के रूप में मजबूर रूपांतरण किए. इन प्रावधानों के अनुसार जबरदस्ती 'धर्म परिवर्तनट के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को कारावास के साथ दंडित भी  किया जाएगा !

सभी धर्म के लोगों को अपना अपना धर्म मानने की पूर्ण स्वतंत्रता है परंतु किसी को भी लाभ,लालच अथवा भय दिखाकर धर्म परिवर्तन कराना अपराध की श्रेणी में आता है