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एसओआर दर कम होने के कारण सरपंचों को भारी परेशानियों का करना पड़ रहा सामना

एसओआर दर कम होने के कारण सरपंचों को भारी परेशानियों का करना पड़ रहा सामना

 वर्ष 2015 की एस ओ आर दर को वर्ष 2021 में  संशोधन कर करे लागू                                                  

राजनांदगांव । एस ओ आर दर कम होने के कारण सरपंचों को काम करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वर्ष 2015 की एस ओ आर दर में संशोधन कर 2021 में नई संशोधन कर एस ओ आर दर को लागू किया जाए, जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 08 के जिला पंचायत सदस्य व संचार सकर्म विभाग के सभापति तथा आबकारी विभाग समिति के सलाहकार अशोक देवांगन ने कहा कि नई सरकार छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने से सरपंचों को इसका फायदा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ पिछले 2015 एस आर ओ दर को आज भी 2021 में लागू किया गया है, जबकि पिछले एस ओ आर दर 6 साल पूरा होने के बाद भी आज भी उसी एस ओ आर दर के माध्यम से गांव को  सरपंच काम दिया जा रहा है, जबकि इन 6 सालों में बिल्डिंग मटेरियल जैसे कि मुरूम, गिट्टी, झड़, सीमेंट, ईट सहित सामग्रियों का रेट दर बढ़ा हुआ है क्योंकि इन 6 सालों में कोविड-19 जैसे भयंकर बीमारियों का सामना लोगों को करने के कारण कोरोना काल के पहले व दूसरे चरण में सामग्रियों का रेट दर आसमान छू रहा है, वर्तमान में कराए जा रहे निर्माण कार्यो के एसओआर में संशोधन, पंचायतों के बिजली बिलों का भुगतान शासन द्वारा करने, पूर्व निरस्त कार्यो की पुनः स्वीकृति, वित्त की राशि सीधा पंचायतों के खातों में डालने, डीएससी भुगतान की व्यवस्था पंचायतों में करने, सरपंचों के मानदेय में वृध्दि, 20 लाख के नीचे के कार्यो को पंचायत को अधिकार प्रदान करने, मनरेगा कार्यो के मटेरियल का भुगतान जल्द से जल्द करने, जीएसटी को एसओआर में ही शामिल किया जाए।

श्री देवांगन ने मुख्यमंत्री व पंचायत मंत्री को ध्यानाकर्षण कराते हुए आगे कहा कि वर्ष 2015 की एस ओ आर दर में बदलाव कर 2021 में एस ओ आर दर में संशोधन करते हुए पंचायतो के सरपंचों द्वारा वर्तमान में कराए जा रहे कार्यो में बढ़े हुए एसओआर के कारण गुणवत्ता बनाये रखने रखने के साथ साथ आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता था, जिससे प्रदेश के कई सरपंचों ने निर्माण कार्य कराने में पीछे हटने लगे है, पंचायत व सरपंचों के हित में बेहतर कार्य करने के लिए एस ओ आर दर में संशोधन करना बहुत आवश्यक है, जिससे राजनांदगांव जिले के साथ साथ प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायतों को इसका फायदा होगा।