breaking news New

आंदोलन पर सवाल खड़े किए जाने से किसानों में खासी नाराजगी

आंदोलन पर सवाल खड़े किए जाने से किसानों में खासी नाराजगी

प्लांट की स्थापना के विरोध में किसानों के विरोध और आंदोलन पर सवाल खड़े करना दुर्भाग्यपूर्ण-योगेश तिवारी

प्लांट स्थापना पर सरकारी गतिविधियां शुरू, विरोध के बाद जन सुनवाई स्थगित

बेमेतरा।   विधायक आशीष छाबड़ा की ओर से प्रदूषण युक्त प्लांट की स्थापना के विरोध में बेरला क्षेत्र के किसानों के सार्थक विरोध और आंदोलन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है ।विधायक की ओर से क्षेत्र में प्लांट स्थापना के विरोध मेंं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया था । अब उनके द्वारा किसानों के आंदोलन पर सवाल खड़े किए जाने से किसानों में खासी नाराजगी है । उक्त बातें किसान नेता योगेश तिवारी ने कही है ।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बेरला क्षेत्र के कई गांव मे प्रदूषण युक्त प्लांट स्थापना की तैयारी की जा रही है ।  जिसका क्षेत्र के किसान लगातार विरोध कर रहे हैं । किसानों को अपनी कृषि को लेकर चिंता सताने लगी है क्योंकि उद्योगों से होंने वाले प्रदूषण से क्षेत्र की कृषि प्रभावित होगी और किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा । उद्योगपतियों के द्वारा उद्योग स्थापना के दौरान क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार देने की लालच दी जाती है लेकिन उद्योग स्थापना के बाद वादे को भुला दिया जाता है ।  वही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में शासन की गाइड लाइन पर खुला उल्लंघन होता है । 

कृषि आधारित उद्योग की स्थापना का वादा भूली राज्य सरकार

किसान नेता योगेश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से फूड प्रोसेसिंग प्लांट और शुगर मिल की स्थापना का वादा क्षेत्रवासियों से किया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं । इसके विपरीत प्रदूषण युक्त प्लांट स्थापना को लेकर सरकारी गतिविधियां शुरू हो चुकी है । इसी क्रम में 8 सितंबर को जन सुनवाई रखी गई थी ।  जिसे भारी जन विरोध को देखते हुए स्थगित किया गया है । किसान नेता ने कहा कि क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना का क्षेत्र के किसान स्वागत करेंगे और इससे क्षेत्र में कृषि को बढ़ावा मिलेगा ।  इसलिए राज्य सरकार क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना को प्राथमिकता दें । किसान नेता ने कहा कि ग्राम सरदा, नेवनारा समेत अन्य गांव में प्रदूषण युक्त प्लांट की स्थापना का विरोध आगे भी जारी रहेगा ।  प्लांट की स्थापना की सरकारी प्रक्रिया जारी रहने पर किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ।